प्रधानमंत्री मोदी बोले, कोरोना का टीका आने में अब ज्यादा दिन नहीं

News Aroma Media
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लखनऊ/आगरा: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आगरा मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्यों के वर्चुअल शुभारम्भ के मौके पर कोरोना से बचाव का टीका जल्द आने की उम्मीद जतायी।

उन्होंने कहा कि कोरोना के टीका का इंतजार है। पिछले दिनों देश के वैज्ञानिकों से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब ज्यादा देर होगी, ऐसा नहीं लगता है।

लेकिन, संक्रमण के बचाव को लेकर हमारी सावधानी में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि अभी भी लोग मास्क और दो गज की दूरी का पालन करते रहेंगे।

पहले परियोजनाओं की घोषणा में धनराशि पर नहीं दिया जाता था ध्यान:

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के इंफ्रा सेक्टर की एक बड़ी दिक्कत हमेशा से ये रही थी कि नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा तो हो जाती थी लेकिन, उसके लिए पैसा कहां से आएगा, इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया जाता था।

हमारी सरकार ने नई परियोजनाओं की शुरुआत करने के साथ ही, उसके लिए आवश्यक धनराशि के इंतजाम पर ध्यान दिया है।

नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइप लाइन प्रोजेक्ट के तहत 100 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की तैयारी है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी इन्फ्रास्ट्रक्चर मास्टर प्लान पर भी काम किया जा रहा है। कोशिश है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए पूरी दुनिया से निवेश आकर्षित किया जाए।

पर्यटन सेक्टर में हर किसी के लिए कमाई के साधन:

प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन एक ऐसा सेक्टर है, जिसमें हर किसी के लिए कमाई के साधन हैं। सरकार ने न सिर्फ ई-वीजा स्कीम में शामिल देशों की संख्या में काफी वृद्धि की है, बल्कि होटल रूम टैरिफ पर टैक्स को भी काफी कम किया है।

स्वदेश दर्शन और प्रसाद जैसी योजनाओं के माध्यम से भी टूरिस्टों को आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से भारत अब ट्रैवल और पर्यटन प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक में 34वें नंबर पर आ गया है।

2013 में भारत इसी इंडेक्स में 65वीं रैंक पर था। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जतायी कि जैसे-जैसे कोरोना की स्थिति सुधरती जा रही है, वैसे-वैसे ही बहुत जल्द टूरिज्म सेक्टर की रौनक भी फिर से लौट आएगी।

सम्पूर्णता की सोच से किए जा रहे रिफॉर्म्स:

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब एक सम्पूर्णता की सोच से रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं। शहरों के विकास को ही लीजिए। शहरों के विकास के लिए हमने चार स्तरों पर काम किया है।

बीते समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो, जीवन ज्यादा सुगम हो, ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और आधुनिक टेक्नॉलॉजी का उपयोग अधिक हो।

गलत नीयत वाले लोगों ने पूरे रियल एस्टेट को किया था बदनाम:

उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर की क्या स्थिति थी, इससे हम भलीभांति परिचित हैं। घर बनाने वालों और घर खरीदारों के बीच भरोसे की एक खाई आ चुकी थी। कुछ गलत नीयत वाले लोगों ने पूरे रियल एस्टेट को बदनाम करके रखा था, हमारे मध्यम वर्ग को परेशान करके रखा था।

इस परेशानी को दूर करने के लिए ‘रेरा’ का कानून लाया गया। हाल में आई कुछ रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस कानून के बाद मिडिल क्लास के घर तेजी से पूरे होने शुरू हुए हैं।

शहरों का जीवन आसान बनाने के लिए आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से लेकर हाउसिंग तक चौतरफा काम चल रहा है। यहां आगरा से ही प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत हुई थी।

इस योजना के तहत शहरी गरीबों के लिए एक करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत हो चुके हैं। शहर के मध्यम वर्ग के लिए भी पहली बार घर खरीदने के लिए मदद दी जा रही है।

12.50 लाख मध्यम वर्ग परिवारों को घर खरीदने के लिए 28 हजार करोड़ की मदद:

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक 12.50 लाख से ज्यादा शहरी मध्यम वर्गीय परिवारों को भी घर खरीदने के लिए लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है।

अमृत मिशन के तहत देश के सैकड़ों शहरों में पानी, सीवर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है। शहरों में सार्वजनिक टॉयलेट्स की बेहतर सुविधाएं हों, वेस्ट मैनेजमेंट की आधुनिक व्यवस्था हो, इसके लिए स्थानीय निकायों को मदद दी जा रही है।

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