नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के वास्ते भारतीय सशस्त्र बलों को अभियानगत तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखना चाहिए।

उन्होंने चीन से लगी सीमा के पास पूर्वी क्षेत्र के एक प्रमुख एयरबेस से यह संदेश दिया।

बागडोगरा वायुसेना स्टेशन पर जवानों को संबोधित करते हुए सिंह ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि विरोधी पक्ष सीधे टकराव से बचता है, लेकिन कुछ ‘‘कमजोरियों’’ का फायदा उठाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का परिदृश्य लगातार जटिल होता जा रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘अक्सर विरोधी पक्ष सीधे टकराव से बचता है और इसके बजाय हमारी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करता है। सोशल मीडिया के जरिये विरोधी पक्ष भ्रामक जानकारी फैलाकर स्थानीय आबादी और हमारे सैनिकों के मन में संदेह पैदा करने की कोशिश कर सकता है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आपकी भूमिका एक सामान्य सैनिक की भूमिका से कहीं अधिक हो जाती है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सिंह ने सशस्त्र बलों से उभरते सुरक्षा खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए अभियानगत तैयारी का उच्चतम स्तर बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र की स्थिति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि सुरक्षा का परिदृश्य ‘‘लगातार जटिल’’ होता जा रहा है और युद्ध का दायरा सीमाओं पर पारंपरिक सैन्य मुकाबलों से आगे बढ़कर छद्म युद्ध, साइबर हमले, ड्रोन हमले, सूचना अभियान और विमर्श गढ़ने तक फैल गया है।
सिंह ने बागडोगरा को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र और भारत की सुरक्षा व्यवस्था की एक अहम कड़ी बताया। खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए इसके महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए बलों के कर्मियों के साहस और समर्पण की सराहना की।
सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में तैनात वायुसेना के जवान पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढाल का काम करते हैं और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए उनकी अभियानगत तैयारी बेहद महत्वपूर्ण है।


