
नई दिल्ली : राम मंदिर से जुड़े कथित दान गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि सबसे अधिक धन की कथित हेराफेरी वर्ष 2025 के कुम्भ मेले के दौरान हुई, जब मंदिर में दान और चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ तिन्नू यादव शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर मंदिर के दान काउंटर से धन की हेराफेरी की साजिश रची।
जांच अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक संपत्ति और निवेश लव कुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा से जुड़े नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है। दोनों पर कथित रूप से अवैध धन से कई संपत्तियां खरीदने का आरोप है। इनकी आधा दर्जन से अधिक संपत्तियों का पता लगाया गया है, और आयकर विभाग को इनके वित्तीय लेनदेन की जांच के लिए कहा गया है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच की सिफारिश की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, सबसे अधिक नकद बरामदगी अविनाश शुक्ला से जुड़े मामले में हुई है। बताया गया है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले उनकी जानकारी के आधार पर करीब 89 लाख रुपये बरामद किए गए, जबकि उनके परिवार से जुड़े एक योग केंद्र पर छापेमारी में लगभग 5 लाख रुपये मिले।
जांच में यह भी सामने आया है कि लव कुश मिश्रा के घर पर 12 लाख रुपये नकद गोबर के नीचे छिपाकर रखे गए थे। आरोप है कि वह लगभग 12,000 रुपये मासिक आय के बावजूद आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर रहे थे। उनके बैंक खातों और संभावित बेनामी संपत्तियों की जांच जारी है। इसके अलावा मनीष कुमार यादव के घर से लगभग 36 लाख रुपये और रामशंकर यादव उर्फ तिन्नू यादव के घर से नकद, जेवरात और संपत्ति दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

