
डैम के किनारे बनाया जाएगा सीवरेज ड्रेनेज, जोन वन के लाइन से किया जाएगा कनेक्ट
VIVEK SHARMA
रांची: कांके स्थित गोंदा डैम को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रांची नगर निगम ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है, जिसके तहत अब डैम में नालों का गंदा पानी नहीं गिरेगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए आईआईटी खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम ड्रेनेज का विशेष डिजाइन तैयार कर रही है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नगर निगम इस योजना के तहत डैम के किनारे एक अत्याधुनिक सीवरेज ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण करेगा। इस पूरे सिस्टम को शहर के ‘जोन वन’ के सीवरेज ड्रेनेज से कनेक्ट किया जाएगा, जिससे गंदा पानी डैम में मिलने के बजाय सीधे ट्रीटमेंट प्लांट में चला जाए।
आईआईटी की टीम बना रही डिजाइन
डैम के किनारे के ड्रेनेज का पूरा डिजाइन आईआईटी खड़गपुर की टीम तैयार कर रही है ताकि भविष्य में नालों का गंदा पानी डैम में गिरने की समस्या न हो। रांची नगर निगम इस योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे काम को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके। आईआईटी की टीम इस महीने के अंत में डिजाइन सबमिट कर देगी। इसके बाद निगम डीपीआर बनाएगा।
फिलहाल बड़े-बड़े गड्ढे बनाकर नालों के पानी को डालने का निर्देश
जब तक स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक के लिए निगम ने तात्कालिक निर्देश जारी किए हैं। नगर आयुक्त ने कहा कि इसके तहत डैम के आसपास बड़े-बड़े गड्ढे बनाकर नालों के पानी को अस्थाई रूप से वहां मोड़ने को कहा गया है, ताकि पानी सीधे डैम में न जाए। इस कदम से कांके डैम के जल स्तर और उसकी शुद्धता को बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी जो रांची की एक बड़ी आबादी के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है।
1 लाख की आबादी को पानी सप्लाई
नालों के गंदे पानी के कारण कांके स्थित गोंदा डैम पूरी तरह दूषित हो गया है। जिसका पानी ट्रीट कर 1 लाख की आबादी को सप्लाई किया जा रहा है। लोक भवन और सीएम आवास में भी गोंदा डैम से पानी जाता है। इसके अलावा कई वीआईपी के आवास में भी इसी डैम से पानी जाता है। नगर निगम डैम के प्लांट से सरफेस वाटर भरकर टैंकर से शहरी क्षेत्र में भी सप्लाई करता है।

