सरकार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध: रामेश्वर

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रांची: राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण एवं इसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उरांव मंगलवार को रांची के प्रेस क्लब में कुड़ुख भाषा में अच्छा अंक लाने वाले विद्यार्थियों के लिए आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे।

कुडुख भाषा शिक्षक संघ द्वारा आयोजित समारोह में वर्ष 2021 की मैट्रिक परीक्षा में कुडुख विषय में 85 से 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले टॉपरों को सम्मानित किया गया।

रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य सरकार ने झारखंड की नौ क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को संरक्षण देने के लिए कदम उठाया है।

अपनी भाषा को संरक्षण यदि राज्य में नहीं मिलेगा, तो इसे कौन बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने संथाली, हो, कुडुख, खड़िया, पंचपरनिया सहित अन्य भाषाओं को संविधान में प्रदत्त अधिकार के अनुकूल बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि परिवार और घर-समाज के लोगां को भी अपनी मातृ भाषा के संरक्षण और विकास में आवश्यक सहयोग करना चाहिए।

क्योंकि इतिहास गवाह है कि संस्कृति और हिन्दी भाषा को सरकारी स्तर पर पर्याप्त संरक्षण नहीं मिलने के कारण ही अन्य देश में मुगलकाल में पहले उर्दू एवं फिर ब्रिटिश शासन में अंग्रेजी को बढ़ावा मिला।

लेकिन देश की आजादी के बाद सरकार की ओर से हिन्दी और अन्य स्थानीय भाषाओं को संरक्षण देने का काम शुरू हुआ।

जब स्थानीय और जनजातीय भाषा में पढ़ने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा, तो लोग इसकी अहमियत समझेंगे। इसीलिए राज्य सरकार ने इस भाषा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है।

समारोह में जिन टॉपरों को सम्मानित किया गया उनमें राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय सल्गी कुड़ू लोहरदगा की छात्रा सोनाली कुमारी, उमेश उरांव, उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्याल चरहु के रवींद्र उरांव, सुशील उरांव, राजकीयकृत उत्क्रमित विद्यालय सोंस के विनोद कुमार, राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय किस्को प्रकाश उरांव, नेहा कुमारी और जोहन उरांव शामिल हैं।

छात्र सम्मान समारोह में मुख्य रूप से कांग्रेस नेता आलोक कुमार दूबे, लोहरमन उराँव, प्रोफेसर महादेव उराँव, नारायण भगत, एलएम भगत, चौथी उराँव आदि उपस्थित थे।

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