रांची : रांची नगर निगम ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाने और उसे जनोपयोगी बनाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। इसके तहत वार्ड संख्या-46 स्थित कुसई मौजा में 1 एकड़ 15 डिसमिल (कैंसर-ए-हिंद) भूमि पर जनकल्याणकारी योजनाओं, वेंडिंग जोन और व्यावसायिक दुकानों के विकास का खाका तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार को खाता संख्या-38, प्लॉट संख्या-14 स्थित इस बहुमूल्य सरकारी जमीन का स्थल निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने इंजीनियरिंग शाखा की टीम को क्षेत्र की जनसांख्यिकी स्थिति, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों का त्वरित आकलन कर एक विस्तृत विकास प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय निवासियों की आवश्यकताओं और जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस जमीन पर योजनाबद्ध तरीके से वेंडिंग जोन और दुकानें विकसित की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ व्यवस्थित आजीविका और रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकें। इसके अलावा भूमि से सटे नदी तट पर पाथवे निर्माण, जमीन का लैंडफिल व समतलीकरण, हाई मास्ट लाइट लगाने तथा संपूर्ण लैंडस्केपिंग की एकीकृत योजना बनाने का भी निर्देश दिया गया है। नगर आयुक्त ने चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद श्रीमती आरती कुमारी, सहायक नगर आयुक्त, कार्यपालक अभियंता सहित निगम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
स्काईलिफ्टर मशीनों से की जा रही पेड़ों की छंटाई दूसरी ओर, रांची नगर निगम ने आगामी छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों, जलाशयों और छठ घाटों के संपर्क पथों पर झुकी, सूखी व लटकी पेड़ की शाखाओं की छंटाई का विशेष अभियान शुरू किया है। निगम द्वारा नई स्काईलिफ्टर मशीनों की मदद से बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर तथा चडरी तालाब, दिव्यायन तालाब, जेल तालाब, धुर्वा डैम, कांके डैम, बहुबाजार व करमटोली तालाब के आसपास वैज्ञानिक तरीके से छंटाई का कार्य किया जा रहा है। नगर निगम के कनेक्ट सेंटर पर पिछले एक माह में प्राप्त 120 शिकायतों में से लगभग 75 प्रतिशत का निष्पादन कर दिया गया है। निगम ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी खतरनाक या सूखी शाखा की सूचना टोल फ्री नंबर 1800-570-1235 पर अवश्य दें।


