बिहार-झारखंड के अधिकारियों के संगठन NACS से 25 से ज्यादा अभ्यर्थी हुए सफल

रांची: सिविल सेवा परीक्षा 2020 के घोषित हुए परिणाम में नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिविल सर्वेंट्स (एनएसीएस) संस्थान के अभ्यर्थी शुभम कुमार ने आईएएस की परीक्षा टॉप कर एनएसीएस ही नहीं पूरे बिहार-झारखंड का नाम रोशन किया है।

इसके अलावा 25 से भी ज्यादा अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफल हुए हैं, जिन्होंने एनएसीएस की ओर से चलाये जा रहे इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (आईजीपी) में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था।

सफल छात्रों में आईएएस टॉपर भागलपुर के शुभम कुमार के अलावा प्रवीण कुमार रैंक 7, सत्यम कुमार रैंक 10, दलजीत कुमार रैंक 114, रोहन झा रैंक 164, संदीप कुमार रैंक 186, शुभम मोहनका रैंक 196, अल्तमश गाज़ी रैंक 282, राहुल दुबे रैंक 296, सुमित कुमार पांडेय रैंक 337, अनामिका रैंक 348, पवन कुमार यादव रैंक 375, परिचय कुमार रैंक 410, सौरभ सिंह रैंक 411, अमित रंजन रैंक 431, रितेश सिंह रैंक 451, रश्मि रानी रैंक 457, पूजा कुमारी रैंक 472, सन्नी कुमार रैंक 500, जया स्नेह रैंक 527, अक्षय रंजुमेश रैंक 547, विकाश कुमार रैंक 603, राजहंस कुमार सिंह रैंक 619, विवेकानंद शुक्ल रैंक 632, धावलेन्दु कुमार रैंक 663 और कुमार सौम्य रैंक 746 शामिल हैं।

एनएसीएस से ही जुड़े सक्रिय सदस्य और रांची के रहने वाले बासुकी नाथ झा, जो स्वयं भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी हैं, ने शनिवार को बताया कि 2014 में सिविल सेवा के महज आठ अधिकारियों द्वारा बी के प्रसाद के मार्गदर्शन में स्थापित इस संगठन ने इस परीक्षा में एक नई मिशाल कायम की है।

बिहार एवं झारखंड के रहने वाले आईएएस अधिकारियों की ओर से स्थापित यह संगठन एनएसीएस के साथ आज करीब 1000 से ज्यादा अधिकारी जुड़ चुके हैं।

ये सभी लोग मिलकर बिहार और झारखंड के सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिये मार्गदर्शन नाम से नियमित क्लासेज तथा आईजीपी के नाम से संचालित करते है। ये सभी कार्यक्रम इन सिविल सेवकों की ओर से निशुल्क चलाया जाता है।

इस बार सिविल सेवा परीक्षा के साक्षात्कार के लिये चलाये गए आईजीपी में 60 से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

 जिसमें 25 से ज्यादा अभ्यर्थी आईएएस की परीक्षा पास किये हैं तथा अभी और परिणाम की पुष्टि हुई है।

 इससे इस अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। क्योंकि इस बार आईएएस टॉपर शुभम कुमार भी शामिल है जिन्होंने एनएसीएस से साक्षात्कार के लिये नियमित मार्गदर्शन लिया।

इस इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम की सबसे अनूठी बात यह है कि इसमें शामिल सभी पैनेलिस्ट्स बिहार और झारखंड के ही अधिकारी होते हैं और अभ्यर्थियों को तनावमुक्त तथा अनुकूल वातावरण में काफी वैज्ञानिक तरीके से गाइड किया जाता है।

जैसे इनका व्हाट्सएप ग्रुप बनाना जिसमे अधिकारी स्वयं इस ग्रुप में होते है और अभ्यर्थी कोई भी सवाल या डाउट कभी भी पूछ सकते है।

इसके अलावा इनके हॉबी, राज्य, जिला, करेंट अफेयर, अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम आदि टॉपिक पर विस्तृत और सारगर्भित चर्चा होती है जो इस विषय के एक्सपर्ट अधिकारी इन टॉपिको पर क्लास लेते है। इसमें अभ्यर्थी काफी सहज होकर कोई भी सवाल पूछ सकते है।

जब एनएसीएस की इस शानदार सफलता के बारे में इनके प्रेजिडेंट बी के प्रसाद से पूछा गया तो उनका कहना था कि हमारा एक छोटा सा प्रयास था कि हम सभी अधिकारी एक मंच पर आकर अपने राज्य और समाज की बेहतरी के लिए सोचे।

इस लिए हमने युवा अधिकारियों के साथ मिलकर एनएसीएस की स्थापना की।

आज इसके 1000 से भी ज्यादा सदस्य है जो अपनी राज्य की सेवा और बेहतरी के लिए कमिटेड है। इसके तहत हमलोग कई प्रोग्राम चलाते है जिसमे सिविल सेवा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को सही गाइडेंस देना एक प्रमुख प्रोग्राम है।

खासकर उन्हें इंटरव्यू के लिये तैयार करना ताकि उन्हें अच्छे मार्क्स मिले और हाल में बिहार-झारखंड से सिविल सेवा में जो सेलेक्शन कम हो गया है, इस स्थिति को बदला जा सके। आज मुझे गर्व है कि आईएएस टॉपर हमारे एनएसीएस संस्थान से है।

बासुकी झा ने भी विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय मे हम सब मिलकर एनएसीएस के उद्देश्य को और आगे बढ़ाएंगे।

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