

रांची: रांची विश्वविद्यालय परीक्षा में लापरवाही बरतने वाले कॉलेज प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित परीक्षा बोर्ड की बैठक में कॉलेजों की ढिलाई के कारण विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम और अकादमिक रिकॉर्ड पर पड़ने वाले बुरे असर पर चिंता जताते हुए सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। मिड सेमेस्टर के अंक गलत अपलोड करने, प्रायोगिक परीक्षा (पॉलिटिकल/प्रैक्टिकल) के अंक भेजने में देरी करने या परीक्षा में उपस्थित छात्रों को अनुपस्थित दर्ज करने जैसी गड़बड़ियों पर प्राचार्यों से सीधा स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बार-बार गलती दोहराने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।





26 मामलों की समीक्षा
बैठक में परीक्षा से छूटे अंक, लैप्स हो चुके सेशन और रिजल्ट में गड़बड़ी से जुड़े 26 अलग-अलग मामलों पर विचार-विमर्श कर नियमानुसार समाधान का फैसला लिया गया। विश्वविद्यालय ने FYUGP (2025-29) रेगुलर सेमेस्टर-1, स्नातक बैकलॉग (24-28), CBCS बैकलॉग और वोकेशनल परीक्षा 2025 के प्रायोगिक विषयों की परीक्षाएं 10 दिनों के भीतर आयोजित करने का निर्देश दिया है। कॉलेजों को बाहरी परीक्षकों की नियुक्ति कर समय पर अंक अपलोड करने को कहा गया है।
आर्यभट्ट सभागार में 19 से 21 अगस्त तक शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों के लिए तीन दिवसीय संवर्धन कार्यक्रम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शिक्षण प्रक्रिया में ICT और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर 150 प्रतिभागी जानकारी प्राप्त करेंगे। राज्य के प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की पढ़ने की क्षमता और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पठन अभियान शुरू किया जाएगा, जो राज्य के 20 जिलों में संचालित होगा।
