RIMS में झारखंड मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग कॉन्क्लेव का आयोजन, लाइव वर्कशॉप से विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्टों ने दी ट्रेनिंग

रविवार को आरआईएमएस रांची में 'झारखंड मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग कॉन्क्लेव 2026' का आयोजन किया गया। देश के शीर्ष विशेषज्ञों ने लाइव रोगी कार्यशालाओं के माध्यम से डॉक्टरों को उन्नत दर्द प्रबंधन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) रांची में रविवार 4 अक्टूबर को ‘झारखंड मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग कॉन्क्लेव 2026’ का सफल आयोजन किया गया। RIMS के रेडियोलॉजी विभाग और ‘इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन’ (IRIA) के झारखंड चैप्टर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम में राज्य भर से आए डॉक्टरों और रेडियोलॉजिस्टों ने हिस्सा लिया।

इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य मस्कुलोस्केलेटल इमेजिंग, सटीक डायग्नोसिस और इमेज-गाइडेड इंटरवेंशन के क्षेत्र में नई तकनीकों और ज्ञान को साझा करना था। प्रशिक्षण देने के लिए PGIMER चंडीगढ़, AIIMS पटना, RML IMS लखनऊ और बेंगलुरु से देश के ख्यातिलब्ध विशेषज्ञ रांची पहुंचे। उन्होंने स्थानीय रेडियोलॉजिस्टों को आधुनिक तकनीकों और उन्नत पेन मैनेजमेंट के तरीकों से अवगत कराया।

सत्र का मुख्य आकर्षण ‘लाइव-पेशेंट हैंड्स-ऑन वर्कशॉप’ रहा। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कंधे की इमेजिंग, मांसपेशियों एवं टेंडन (नसों) की जांच तथा दर्द निवारण (पेन मैनेजमेंट) के लिए इस्तेमाल होने वाले मस्कुलोस्केलेटल इंटरवेंशन का सीधा प्रदर्शन करके दिखाया। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से चिकित्सकों को क्लिनिकल डायग्नोसिस में आसानी होगी।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से RIMS के निदेशक प्रो. डॉ. डी.के. सिन्हा, निदेशक मेडिकल एजुकेशन सह डीन रिसर्च प्रो. डॉ. पी.के. भट्टाचार्य, रांची के सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद, डॉ. अमरेंद्र कुमार और सदर अस्पताल के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. अखिलेश कुमार झा उपस्थित रहे। अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण से डॉक्टरों की तकनीकी दक्षता बढ़ती है, जिसका सीधा फायदा आम मरीजों को बेहतर इलाज के रूप में मिलता है।

इस पूरे कॉन्क्लेव को सफल बनाने में RIMS रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. सुरेश टोप्पो, सदर अस्पताल सेंट्रल रेडियोलॉजी हब के प्रभारी डॉ. अनीश चौधरी और RIMS के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार रंजन ने अहम भूमिका निभाई।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।