रांची : वन्यजीव संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने के उद्देश्य से झारखंड में वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत रविवार, 4 अक्टूबर को भव्य वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस वॉकाथॉन में करीब 2,500 से 3,000 लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

वॉकाथॉन की शुरुआत रांची स्थित वन भवन से हुई। यहां गुब्बारे उड़ाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवाओं, विभागीय पदाधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि तथा प्रकृति प्रेमी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फोर्स श्री संजीव कुमार (आईएफएस) ने कहा कि वन्यजीव हमारे जंगलों, प्रकृति के संतुलन और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का अहम आधार हैं। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाना सिर्फ आज की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। वॉकाथॉन जैसे आयोजनों के जरिए खास तौर पर युवाओं और विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे वन्यजीवों, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की अपनी जिम्मेदारी को समझें और पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
इसके बाद पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ एवं मुख्य वाइल्डलाइफ वार्डन श्री रवि रंजन (आईएफएस) ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की समृद्ध वन संपदा और जैव-विविधता राज्य की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। प्रकृति, वन और वन्यजीव एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इनके संरक्षण के लिए जागरूकता के साथ-साथ सामूहिक प्रयास भी जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकार या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भूमिका है। वॉकाथॉन का उद्देश्य इसी सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना और वन्यजीव संरक्षण का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।
सभी गणमान्य अधिकारियों के संबोधन के बाद प्रतिभागियों ने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए निर्धारित मार्ग पर पदयात्रा शुरू की। वॉकाथॉन वन भवन से शुरू होकर अरगोड़ा, बिरसा चौक और हिनू होते हुए निर्धारित मार्ग से वापस वन भवन पहुंचा।
पूरे रास्ते प्रतिभागियों ने वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और प्रकृति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और वन्यजीव संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।



