रांची एयरपोर्ट पर बढ़ा यात्रियों का दबाव, 2 महीने में 3.68 लाख यात्रियों ने किया सफर

रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या ने नई उड़ानों की उम्मीद बढ़ाई, वहीं दुर्गापूजा से पहले कई प्रमुख रूटों पर हवाई किराये में भारी बढ़ोतरी चिंता बढ़ा रही है।

Neeral Prakash
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राजधानी का एयरपोर्ट बना झारखंड की आर्थिक गतिविधियों का अहम केंद्र, त्योहारों में बढ़ सकती है यात्रियों की भीड़

रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट अब केवल रांची को देश के बड़े शहरों से जोड़ने वाला हवाई अड्डा नहीं रह गया है। बढ़ती यात्री संख्या के साथ यह झारखंड की व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और चिकित्सा यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

एयरपोर्ट से हर दिन औसतन 5 हजार से अधिक यात्री हवाई सफर कर रहे हैं। जुलाई और अगस्त 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इन दो महीनों में कुल 3,68,446 यात्रियों ने रांची एयरपोर्ट से यात्रा की। इस दौरान 2,654 विमानों का परिचालन हुआ।

सितंबर के आखिरी दिनों में भी 5 हजार के आसपास यात्री

सितंबर के अंतिम दो दिनों में भी रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पांच हजार के आसपास रही।

29 सितंबर को कुल 5,483 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इस दिन 46 विमानों का शेड्यूल था, जिनमें से 42 विमानों का परिचालन हुआ।

वहीं 30 सितंबर को 44 विमानों का शेड्यूल था, लेकिन 38 विमानों का ही परिचालन हुआ। इस दिन 2,762 यात्री रांची पहुंचे, जबकि 2,278 यात्री रवाना हुए। यानी कुल यात्री आवागमन 5,040 रहा।

इन आंकड़ों से साफ है कि रांची से हवाई यात्रा की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।

बढ़ता यात्री दबाव, सुविधाओं की भी बढ़ी जरूरत

यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ एयरपोर्ट के टर्मिनल पर सुविधाओं को लेकर दबाव भी बढ़ रहा है। चेक-इन काउंटर, सुरक्षा जांच क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था, खान-पान, पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली और स्वच्छता जैसी सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत है।

त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पीक आवर के दौरान सुरक्षा जांच, बोर्डिंग और बैगेज कलेक्शन में लगने वाले समय को कम करना एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

रांची से कई बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान

फिलहाल रांची से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, अहमदाबाद और पटना जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं।

इन शहरों के बीच बड़ी संख्या में यात्री नौकरी, व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करते हैं।

बढ़ती मांग के बीच आने वाले समय में रांची से और शहरों के लिए सीधी उड़ानों की मांग भी तेज हो सकती है। चेन्नई, जयपुर, वाराणसी, भुवनेश्वर और पूर्वोत्तर के शहरों के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

पूजा से पहले हवाई किराये ने बढ़ाई चिंता

दुर्गापूजा के दौरान हवाई यात्रा की मांग बढ़ने के साथ टिकट के किराये में भी तारीख के अनुसार बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस के उपलब्ध किराया कैलेंडर के अनुसार रांची-बेंगलुरु रूट पर अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में एकतरफा किराया करीब 7,891 रुपये से शुरू दिख रहा है।

वहीं 15 अक्टूबर को किराया करीब 9,910 रुपये, 16 अक्टूबर को 10,918 रुपये और 24 अक्टूबर को करीब 13,803 रुपये तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।

इसी तरह रांची-मुंबई रूट पर अक्टूबर की शुरुआती तारीखों में किराया करीब 7,829 रुपये से शुरू दिख रहा है, जबकि कुछ तारीखों में यह 10 हजार रुपये से ऊपर पहुंच रहा है।

बढ़ती मांग के साथ बढ़ानी होगी क्षमता

रांची एयरपोर्ट के बढ़ते यात्री आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि झारखंड में हवाई यात्रा की मांग अब लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले समय में चुनौती केवल यात्रियों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर, तेज और सुविधाजनक एयरपोर्ट अनुभव देने की भी होगी।

नई उड़ानों का विस्तार, बेहतर टर्मिनल सुविधाएं और समय पर विमानों का परिचालन रांची एयरपोर्ट को झारखंड के विकास का और मजबूत हवाई केंद्र बना सकता है।

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।