रांची: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 44 साल बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन को 1-0 से हराकर मिली इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की चार बेटियों की भी अहम भूमिका रही।

टीम की कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में भारतीय महिला हॉकी टीम ने देश का गौरव बढ़ाया। झारखंड की चार खिलाड़ी—सलीमा टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका सोरेन और निक्की प्रधान—इस स्वर्णिम अभियान का हिस्सा रहीं।
ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की इन चारों खिलाड़ियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर खिलाड़ियों का गुलदस्ता देकर और झारखंडी पट्टा पहनाकर सम्मान किया।
इन चार खिलाड़ियों में तीन खिलाड़ी सिमडेगा जिले से हैं, जबकि निक्की प्रधान खूंटी जिले की रहने वाली हैं। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से झारखंड में खुशी का माहौल है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि स्वर्ण पदक जीतने के साथ टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया है।
देश लौटने पर भारतीय खिलाड़ियों का भी भव्य स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन हुआ। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अलग-अलग राज्य सरकारों और संस्थाओं की ओर से खिलाड़ियों तथा सपोर्ट स्टाफ के लिए पुरस्कारों की घोषणाएं भी की जा रही हैं।
झारखंड की इन चार बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाली प्रतिभाएं भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।


