

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी फिलहाल नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे। कलकत्ता हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस पद पर बनर्जी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को दोबारा एकल पीठ के पास भेज दिया। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति अजय कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया। इस फैसले में विधानसभा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस के सदन में ‘विद्रोही लेकिन बहुमत’ वाले धड़े के नेता के रूप में ऋतब्रत बनर्जी को मान्यता दी थी और उन्हें विधानसभा में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष घोषित किया था।





खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मामले पर एकल पीठ अगले दो महीने के भीतर फैसला करे। तब तक ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एकल पीठ के अंतिम फैसले तक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा ऋतब्रत को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का निर्णय ‘अस्थायी’ माना जाएगा।इससे पहले जून में न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को बरकरार रखा था। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पार्टी के ‘मूल लेकिन अल्पमत’ धड़े के प्रमुख चेहरों में शामिल सोवंदेब चट्टोपाध्याय ने एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी थी।
