द्वितीय रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान 2026 के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित, चयनित कृति को मिलेंगे 25 हजार रुपये

रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान 2026 के लिए देशभर की महिला लेखिकाएं आवेदन कर सकती हैं। चयनित रचनाकार को 25 हजार रुपये मिलेंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर है।

2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

देशभर की स्त्री रचनाकार होंगी पात्र

रांची : सुप्रसिद्ध शिक्षाविद, साहित्यकार, झारखंड आंदोलनकारी और स्त्री एवं आदिवासी अस्मिता की प्रखर आवाज रोज केरकेट्टा की स्मृति में स्थापित ‘द्वितीय रोज केरकेट्टा साहित्य सम्मान 2026’ के लिए देशभर की स्त्री रचनाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। प्यारा केरकेट्टा फाउंडेशन की ओर से चयनित लेखिका को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

फाउंडेशन ने प्रारंभ में यह सम्मान केवल आदिवासी स्त्री रचनाकारों को देने की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत पहला सम्मान विश्वासी एक्का की कथा-कृति ‘कोठी भर धान’ को प्रदान किया गया था। अब फाउंडेशन ने निर्णय लिया है कि यह सम्मान एक वर्ष आदिवासी स्त्री रचनाकार की कृति को और अगले वर्ष किसी भी भारतीय स्त्री रचनाकार की कृति को दिया जाएगा। इसी क्रम में वर्ष 2026 का सम्मान सभी समुदायों की स्त्री रचनाकारों के लिए खुला है।

सम्मान के लिए हिंदी में प्रकाशित कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, जीवनी, लेख सहित किसी भी विधा की पुस्तक भेजी जा सकती है। लेखिका की आयु 25 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा पुस्तक का प्रकाशन 9 अगस्त 2024 से 20 सितंबर 2026 के बीच हुआ हो। फाउंडेशन की सचिव वंदना टेटे के अनुसार पात्र लेखिकाएं स्वयं आवेदन कर सकती हैं या कोई भी व्यक्ति किसी पात्र लेखिका की पुस्तक की अनुशंसा कर सकता है। आवेदन और अनुशंसा की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2026 है। प्रविष्टियां केवल निर्धारित गूगल फॉर्म (https://forms.gle/J2mxa5Nr2VL6jKWa7) के माध्यम से स्वीकार की जाएंगी। साथ ही संबंधित पुस्तक की तीन प्रतियां भी निर्धारित तिथि तक भेजनी होंगी। सम्मान की घोषणा 27 नवंबर को होगी, जबकि सम्मान समारोह रोज केरकेट्टा की 86वीं जयंती, 7 दिसंबर को रांची में आयोजित किया जाएगा।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।