भारत में जन्मी सबा हैदर ने इलिनॉय प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता

भारत में जन्मी डेमोक्रेट सबा हैदर ने इलिनॉय प्रतिनिधि सभा चुनाव जीतकर इतिहास रचा। वह राज्य की जनरल असेंबली में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं।

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न्यूयॉर्क: भारत में जन्मी डेमोक्रेट सबा हैदर ने इलिनॉय प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है और इसके साथ ही वह राज्य की जनरल असेंबली के लिए चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गई हैं। हैदर ने तीन नवंबर को हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में 84वें डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की। उन्हें कुल 70.9 प्रतिशत वोट मिले। उन्होंने 20,756 मत हासिल किए, जबकि उनकी रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी ब्रायन स्कोपा को 8,520 वोट यानी 29.1 प्रतिशत मत मिले। हैदर ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हमने यह कर दिखाया। पिछले 15 महीनों से हमने 84वें डिस्ट्रिक्ट के हर कोने में मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। हमने यह जानने की कोशिश की कि उनके लिए क्या मायने रखता है, वे किन बदलावों की उम्मीद करते हैं और मजबूत, समृद्ध तथा अधिक समावेशी समुदाय बनाने के लिए हम किस तरह मिलकर काम कर सकते हैं।”

उन्होंने मतदाताओं, परिवार के सदस्यों, दोस्तों, चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े लोगों और स्वयंसेवकों का आभार जताया। उन्होंने अपने चुनाव अभियान को ‘जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी से संचालित आंदोलन’ बताया। आखिरकार यह चुनाव उन लोगों के बारे में था, जो इस समुदाय को अपना घर कहते हैं। यह उस भविष्य के निर्माण की कोशिश थी, जिसके हम सभी हकदार हैं।” हैदर ने कहा कि उनकी जीत उन सभी लोगों की जीत है, जो ऐसे इलिनॉय में विश्वास करते हैं, जहां सभी के साथ निष्पक्षता और न्याय हो तथा हर किसी का स्वागत किया जाए।

इलिनॉय की विधायिका में शामिल होने से पहले हैदर ड्यूपेज काउंटी बोर्ड की सदस्य और सामुदायिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर चुकी हैं। भारत में जन्मी हैदर का परिवार उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से ताल्लुक रखता है। वह करीब 20 साल पहले अमेरिका आ गई थीं। हैदर ने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था, “तब से मैंने अपना जीवन उस समुदाय की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है, जिसने मुझे और मेरे परिवार को इलिनॉय में अपना घर बसाने में मदद की।” हैदर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने इसी संस्थान से वन्यजीव विज्ञान में एमएससी की डिग्री हासिल की है। एएमयू नेटवर्क ने उनकी जीत पर उन्हें बधाई देते हुए इसे “विश्वविद्यालय समुदाय के लिए गर्व का क्षण” बताया।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।