रांची: सदर अस्पताल में न्यूरो मरीजों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में न्यूरो आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) की अलग व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि न्यूरो सर्जरी के बाद गंभीर स्थिति वाले मरीजों को विशेष निगरानी और उपचार की जरूरत होती है। अलग न्यूरो आईसीयू उपलब्ध होने से ऐसे मरीजों की लगातार निगरानी के साथ आवश्यक उपचार तत्काल किया जा सकेगा।
फिलहाल सदर अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन न्यूरो मरीजों के लिए अलग आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। न्यूरो सर्जरी के बाद मरीजों को सामान्य आईसीयू में रखना पड़ता है। इससे कई बार न्यूरो मरीजों की विशेष निगरानी और उपचार में परेशानी सामने आती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अलग न्यूरो आईसीयू शुरू होने के बाद सर्जरी के बाद मरीजों की लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जा सकेगी। इससे आपात स्थिति में मरीज को तत्काल उपचार मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार न्यूरो आईसीयू में न्यूरो सर्जरी के बाद गंभीर मरीजों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता होगी कम
सदर अस्पताल में न्यूरो से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए विशेष उपचार व्यवस्था मजबूत होने से दूसरे अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी। प्रबंधन के अनुसार सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के साथ आईसीयू की सुविधाओं को भी मजबूत करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य मरीजों को सदर अस्पताल में ही बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।
अस्पताल में न्यूरो सर्जरी की सुविधा पहले से उपलब्ध है। प्रबंधन के अनुसार सप्ताह में करीब 8 से 10 न्यूरो सर्जरी की जाती हैं। ऐसे में अलग न्यूरो आईसीयू की सुविधा शुरू होने से सर्जरी के बाद गंभीर मरीजों की देखभाल और उपचार व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सदर अस्पताल में गैस्ट्रो से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मरीजों के लिए भी सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन का लक्ष्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत कर मरीजों को अधिक से अधिक उपचार सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

