जमशेदपुर : विधायक सरयू राय ने अपने खिलाफ चल रही कथित शिकायतों और कानूनी कार्रवाइयों को राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम और पूर्व से जुड़े कुछ समूह पिछले दो वर्षों से उनके खिलाफ संयुक्त रूप से मुहिम चला रहे हैं। उनका आरोप है कि अलग-अलग मंचों पर एक जैसे आरोपों के आधार पर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं, ताकि किसी तरह उन्हें कानूनी शिकंजे में फंसाया जा सके।

सरयू राय ने अपने संदेश में इस पूरी प्रक्रिया को ‘फोरम हंटिंग’ करार दिया। उनका कहना है कि जब एक मंच पर शिकायत से कोई नतीजा नहीं निकला तो उन्हीं आरोपों को लेकर दूसरे मंच का सहारा लिया गया। इस सिलसिले में उन्होंने थाना, निगरानी विभाग, हाईकोर्ट और निचली अदालत में की गई शिकायतों का उल्लेख किया।

थाना से अदालत तक पहुंचा शिकायतों का सिलसिला
विधायक के मुताबिक, उनके खिलाफ सबसे पहले एक व्यक्ति ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी आरोप को आधार बनाकर दूसरे व्यक्ति ने निगरानी विभाग में शिकायत की। इसके बाद शिकायतकर्ता हाईकोर्ट पहुंचा, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने पर दोबारा थाने में आवेदन दिया गया। सरयू राय का दावा है कि वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हीं आरोपों के साथ निचली अदालत में शिकायत वाद दाखिल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शिकायत वाद खारिज होने के बाद मुसाबनी के सुखो मुखी के माध्यम से भी अदालत में मामला दर्ज कराया गया, जो बाद में खारिज हो गया।
मंत्री बनने के बाद गिरफ्तारी कराने की कोशिश का आरोप
सरयू राय ने अपने संदेश में सबसे गंभीर आरोप उस समय को लेकर लगाया है, जब उनके विरोधियों में से एक व्यक्ति उसी विभाग का मंत्री बन गया, जिसकी जिम्मेदारी पहले उनके पास थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री बनने के बाद उनके खिलाफ एक और मंच तैयार किया गया और कोशिश की गई कि पुराने आरोपों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हो जाए।
हालांकि, सरयू राय के अनुसार विभागीय अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने गिरफ्तारी की कार्रवाई को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद संबंधित मंत्री की कोशिश सफल नहीं हो सकी।
अब किसी नए मंच की तलाश का लगाया आरोप
विधायक ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पूर्व और पश्चिम जमशेदपुर के कुछ समूहों की कथित मिलीभगत से यह पूरी कवायद चल रही है। उन्होंने जमशेदपुर पूर्वी के एक नेता जी. कुमार का भी उल्लेख किया, जिनके माध्यम से निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराने का आरोप लगाया है।
सरयू राय ने तंज कसते हुए कहा कि अब तक अलग-अलग मंचों पर कोशिशें करने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर संबंधित लोग किसी नए फोरम की तलाश में हैं। उनके इस बयान से जमशेदपुर की राजनीतिक गतिविधियों में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है


