
Jharkhand News : महुआडांड़ प्रखंड के ग्राम सेमरबुढ़नी में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दीवार में दरार आने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और दावे किए जा रहे हैं।
मामले को लेकर लोगों के बीच कई तरह की बातें सामने आने के बाद लातेहार भवन प्रमंडल के जूनियर इंजीनियर (जेई) मनीष कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि विभाग पूरे मामले को गंभीरता से ले रहा है और निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज थी कि जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य संतोषजनक पाया गया था।
वहीं, बाद में दीवार में दरार आने की तस्वीरें सामने आने पर लोगों के बीच सवाल उठने लगे।
इसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।इस संबंध में जेई मनीष कुमार ने बताया कि 24 जून को उन्होंने जिला परिषद सदस्य एस्टेला नागेसिया एवं महुआडांड़ प्रमुख कंचन कुजूर के साथ निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था।
उस समय भवन निर्माण का केवल पिलर (कॉलम) तैयार हुआ था। दीवार अथवा उसके फाउंडेशन का निर्माण कार्य उस समय शुरू ही नहीं हुआ था। इसलिए उस निरीक्षण के दौरान दीवार की गुणवत्ता या उसमें किसी प्रकार की दरार का प्रश्न ही नहीं उठता।उन्होंने बताया कि निरीक्षण के बाद संवेदक द्वारा दीवार जोड़ने का कार्य कराया गया।
इसी दौरान ग्रामीणों की ओर से सूचना मिली कि निर्माणाधीन दीवार के एक हिस्से में दरार आ गई है। सूचना मिलते ही विभाग ने बिना किसी देरी के मामले का संज्ञान लिया और सवेंदक को जिस हिस्से में दरार पाई गई, उसे तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया। जानकारी अनुसार क्षतिग्रस्त दीवार को तुड़वाया गया ताकि भविष्य में भवन की मजबूती पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि अब उस हिस्से का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप दोबारा कराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि संवेदक को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण में कहीं भी तकनीकी खामी पाई जाती है तो संबंधित हिस्से को हटाकर पुनः निर्माण कराया जाएगा। विभाग की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भवन तैयार करना है।
इधर, ग्रामीणों ने भी मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी भवन का निर्माण पूरी मजबूती और गुणवत्ता के साथ कराया जाए। उनका कहना है कि यह भवन क्षेत्र के हजारों लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है, इसलिए निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होनी चाहिए।

