

रांची: झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की तैयारी की बात कही है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर मामले पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है।





मुख्यमंत्री के मुताबिक परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए पहले से ही SOP तय की गई थी, लेकिन उसका सही तरीके से पालन नहीं किया गया। सरकार का मानना है कि SOP के पालन में हुई लापरवाही के चलते परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने आईं।
सरकार ने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षा को रद्द करने की बात भी स्पष्ट की है। वहीं, JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने के फैसले की दिशा में सरकार आगे बढ़ने को तैयार है।
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कमिटी गठित
परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक रिफॉर्म कमिटी गठित किए जाने की बात कही गई है। कमिटी परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा कर आवश्यक सुधारों और पारदर्शिता बढ़ाने को लेकर सुझाव देगी।
24 दिनों से आंदोलन कर रहे थे छात्र
JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्र पिछले 24 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कई छात्र भावुक भी नजर आए।
छात्रों ने सरकार के इस कदम को अपने लंबे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। उनका कहना है कि वे लगातार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।
