वरिष्ठ पत्रकार रवीश तिवारी का निधन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

News Desk
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नई दिल्ली:  वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय ब्यूरो के प्रमुख रवीश तिवारी का शनिवार को निधन हो गया। वह कैंसर से पीड़ित थे और पिछले करीब दो वर्षों से इस बीमारी से जूझ रहे थे। उनके परिजनों और दोस्तों ने यह जानकारी दी।

वह 40 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी पूज्या, माता-पिता और एक भाई है। शुक्रवार अपराह्न को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद उन्हें गुरुग्राम के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा मीडिया तथा राजनीति जगत के कई लोगों ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

हमेशा चेहरे पर एक मुस्कान के साथ देखे जाने वाले रवीश एक आर्थिक दैनिक समाचार पत्र और एक पत्रिका में काम करने के बाद पिछले 12 वर्षों से दैनिक समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े थे।

प्रधानमंत्री ने रवीश तिवारी की पत्नी से फोन पर बात कर शोक संवेदना व्यक्त की, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुग्राम में उनके परिवार से मुलाकात की।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट कर कहा, ‘‘रवीश तिवारी के लिए पत्रकारिता एक जुनून था, और उन्होंने इसे आकर्षक व्यवसायों को छोड़कर चुना था। उनके पास रिपोर्टिंग और तीक्ष्ण कमेंट्री के लिए एक गहरी समझ थी।

उनके असामयिक निधन से मीडिया जगत में एक अलग आवाज हमेशा के लिए शांत हो गयी है। उनके परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रवीश तिवारी ‘गहरी समझ वाले’ और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे।

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘नियति ने रवीश तिवारी को बहुत जल्दी ही हमसे छीन लिया। मीडिया जगत में उनके निधन से एक शानदार करियर और प्रतिभा का अंत हो गया।

मुझे उनकी रिपोर्ट पढ़ने में आनंद आता था और मैं समय-समय पर उनसे बात भी करता था। वह गहरी समझ रखने वाले और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके परिजनों और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।’’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी रवीश तिवारी के असामयिक निधन पर दुख व्यक्त किया और कहा, ‘‘वह एक युवा, उज्ज्वल और पेशेवर पत्रकार थे, जो जीवन की उमंग से भरपूर थे।’’

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने पत्रकार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘रवीश तिवारी नवोदय विद्यालय, आईआईटी मुंबई और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़े थे।

वह पढ़े-लिखे और वस्तुनिष्ठ पत्रकारों में से एक थे। जब मैं पर्यावरण मंत्री था तो वह मेरे काम की आलोचना करते थे, लेकिन हम दोनों अच्छे दोस्त थे। केवल चार दिन पहले ही हमने लंबी बातचीत की थी।

उनकी असामयिक मौत से काफी दुखद है।’’ इंडियन एक्सप्रेस की वेबसाइट ने अपने अध्यक्ष विवेक गोयनका के हवाले से कहा, “रवीश हमारे पेशे में एक दुर्लभ, अनोखे पत्रकार थे।

उन्होंने हमेशा सभी की बात सुनी, क्योंकि उन्हें पता था कि देश की राजनीतिक नब्ज को परखने और इसे हमारे पाठकों और दर्शकों को समझाने का यही सबसे अच्छा और एकमात्र तरीका है।’’

विवेक गोयनका ने कहा, ‘‘हम उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। एक रिपोर्टर और एक संपादक के रूप में, उन्होंने आगे आकर नेतृत्व किया। रवीश अपने काम के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। जो न्यूज़ रूम और उससे जुड़े सभी लोगों के लिए एक स्थायी प्रेरणा होगी।’’

इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक राज कमल झा ने रवीश के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन सवाल पूछने के अपने तरीकों से रवीश हमेशा याद किए जाएंगे।

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