सिर्फ ‘सनातन धर्म’ को मानने वाले ही विसर्जन के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं को छुएंगे : शुभेंदु

शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान धार्मिक परंपराओं के पालन पर जोर दिया। हुगली नदी और टाकी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई।

Archana Ekka
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि सिर्फ ‘सनातन धर्म’ को मानने वालों को ही हुगली नदी में विसर्जन के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं को छूने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और कोलकाता नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे के साथ मुख्यमंत्री ने बाबूघाट पहुंचकर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उसी दौरान ये टिप्पणी कीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि हुगली नदी में प्रतिमाओं को ले जाने वालों की पहचान सुनिश्चित की जाए। सिर्फ ‘सनातन धर्म’ का पालन करने वाले लोग ही प्रतिमाओं को छुएंगे। इसमें कोई सांप्रदायिक बात नहीं है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा चिंताओं और विसर्जन विधि के धार्मिक महत्व दोनों को ध्यान में रखते हुए इस साल व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘विसर्जन की पवित्रता बनाए रखने के लिए हमें उन परंपराओं, शास्त्रों और नियमों का पालन करना होगा जिनका अनुसरण हजारों वर्षों से किया जा रहा है। यह एक त्योहार है, लेकिन मुख्य रूप से यह एक धार्मिक कार्यक्रम है।’’
शुभेंदु ने बताया कि शिकायतें आने के बाद क्रेन की जगह ट्रॉली की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इस साल राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को भी व्यवस्थाओं में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और कोलकाता नगर निगम, कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट सहित अन्य एजेंसियों से भी मदद ले सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 24 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नदी की सफाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के टाकी में इच्छामती नदी में प्रतिमा विसर्जन देखने के लिए देशी नावों से यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘‘विसर्जन को देखने के लिए लगभग 200 छोटी नावों में लोगों के सवार होने की उम्मीद थी। प्रशासन ने इस प्रथा को रोकने की कोशिश की लेकिन स्थानीय लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने और नावों में वजन का संतुलन बनाए रखने जैसे एहतियाती उपाय किए हैं, लेकिन हमें अब भी चिंता है क्योंकि इनमें से अधिकतर छोटी नाव (डिंगी) हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि टाकी में व्यवस्थाओं में मदद के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री को भी इलाके में भेजा गया है, जबकि बरासात रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) को वहां की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाबूघाट का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने नाव से हुगली नदी के हावड़ा की ओर स्थित घाटों पर विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया। महासप्तमी की शाम को चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की जान जाने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोलकाता और आसपास के तीन पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की निगरानी के लिए 18 आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से 12 को कोलकाता में तैनात किया गया है जबकि छह अन्य अधिकारी हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर आयुक्तालयों में विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘ये आईपीएस अधिकारी बुधवार से 24 अक्टूबर तक विसर्जन गतिविधियों की निगरानी करेंगे। सभी अधिकारियों के लिए अलग-अलग ड्यूटी कार्यक्रम तैयार किया गया है।’’ उन्होंने बताया कि कोलकाता में आईपीएस अधिकारी गौरव शर्मा, सोमा दास मित्रा, राशिद मुनीर खान, आकाश मघारिया, सुरेश कुमार चाडिवे और धृतिमान सरकार 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे।

अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, इमरान वहाब, शीश राम झाझरिया, सौम्या रॉय, पारिजात बिस्वास और सिद्धार्थ धपोला 22 और 24 अक्टूबर को शहर में विसर्जन ड्यूटी पर रहेंगे। हावड़ा पुलिस जिले में इंद्र चक्रवर्ती 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे जबकि अवरू रवींद्रनाथ 22 और 24 अक्टूबर को ड्यूटी पर रहेंगे। पलाश चंद्र धाली और द्युतिमान भट्टाचार्य को बैरकपुर में तैनात किया गया है जबकि अभिजीत बनर्जी और संदीप मंडल चंदननगर में विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।