
रांची : 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ा मामले में जमीन कारोबारी शेखर कुशवाहा को बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। शेखर कुशवाहा ने 3 जनवरी को याचिका दाखिल कर खुद को आरोपों से मुक्त करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। इस जमीन घोटाले की जांच के दौरान ईडी ने शेखर कुशवाहा के ठिकानों पर दो बार-22 अप्रैल 2023 और 16 अप्रैल 2024 को छापेमारी की थी। जांच में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोप है कि शेखर कुशवाहा बड़गाई अंचल की एक जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने सहयोगियों—प्रियरंजन सहाय, सद्दाम हुसैन, विपिन सिंह, इरशाद अंसारी और अफसर अली के साथ मिलकर राजस्व कर्मी भानु प्रताप प्रसाद की मिलीभगत से साल 1971 की फर्जी सेल डीड तैयार की। जांच में यह भी सामने आया है कि कोलकाता के रजिस्ट्री कार्यालय में रखे मूल दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर यह फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया। करीब 4.83 एकड़ जमीन, जो एक भोक्ता परिवार की थी, उसका नाम बदलकर किसी और के नाम पर सामान्य जमीन के रूप में दर्ज कर दिया गया।
इसके बाद करीब 22.61 करोड़ रुपये की इस जमीन को 100 करोड़ रुपये में बेचने की तैयारी की जा रही थी। मामले की जांच जारी है और आगे भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

