संवाद की मेज पर संवेदना और सड़क पर दमन,सरकार का दोहरा चरित्र उजागर : सुदेश महतो

सुदेश महतो ने JPSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने संवाद छोड़ दमन का रास्ता अपनाने का आरोप लगाते हुए छात्रों का समर्थन किया।

Razi Ahmad
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रांची : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने विधानसभा घेराव के दौरान आंदोलनरत JPSC अभ्यर्थियों एवं छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, वाटर कैनन के प्रयोग तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि संवाद की मेज पर संवेदना और सड़क पर दमन—सरकार का यह दोहरा चरित्र अब पूरी तरह उजागर हो चुका है।

सुदेश महतो ने कहा कि सरकार ने छात्रों से संवाद के लिए तीन मंत्रियों को नामित किया था। मुख्यमंत्री ने भी युवाओं की भावनाओं के साथ खड़े होने और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। इससे यह अपेक्षा बनी थी कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से समझने का प्रयास कर रही है। किंतु विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन, कंटीले तारों की बैरिकेडिंग और अंधाधुंध बल प्रयोग ने सरकार के संवाद के पीछे छिपे वास्तविक रवैये को उजागर कर दिया।

उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब सरकार के प्रतिनिधि छात्रों से संवाद कर रहे हों और कुछ ही समय बाद उन्हीं छात्रों पर बल प्रयोग किया जाए, तो ऐसी सरकार को संवेदनशील कैसे कहा जा सकता है?

सुदेश महतो ने आज जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचकर घायल एवं आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उनकी पीड़ा को सुना। उन्होंने बताया कि कई युवा अस्पताल में उपचाराधीन हैं—किसी के सिर में गंभीर चोट है तो किसी के हाथ-पैर घायल हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल शारीरिक चोटें नहीं हैं, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता और दमनकारी नीति के स्पष्ट प्रमाण हैं। युवाओं की आंखों में आक्रोश के साथ-साथ व्यवस्था के प्रति गहरा अविश्वास और निराशा झलक रही है।

उन्होंने कहा कि छात्रों से मुलाकात के उपरांत महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर आजसू पार्टी ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की दमनात्मक कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया। गांधीवादी मूल्यों की धरती पर युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है।

सुदेश महतो ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि युवा अपने भविष्य से जुड़े प्रश्न पूछ रहे हैं, वे कोई अपराध नहीं कर रहे। वे न्याय, रोजगार और पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, न कि किसी प्रकार का टकराव।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाठी के बल पर आवाज को दबाने का प्रयास न किया जाए। झारखंड के युवाओं की आवाज जितनी दबाई जाएगी, उतनी ही मजबूती से वह और अधिक सशक्त होकर उभरेगी। सरकार को दमन का मार्ग छोड़कर संवाद और समाधान का मार्ग अपनाना चाहिए।

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी इस संघर्ष में छात्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। यह लड़ाई केवल छात्रों की नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं और राज्य के भविष्य की लड़ाई है।

आजसू पार्टी की मांग है कि सरकार घायल छात्रों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए, पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे तथा छात्रों की न्यायोचित मांगों पर तत्काल गंभीर एवं सार्थक संवाद कर समाधान निकाले।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।