


नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने असम सरकार और उसके शिक्षा विभागों को मंगलवार को निर्देश दिया कि राज्य में प्रांतीयकरण योजना के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में किसी शिक्षक की नियुक्ति या सेवा में समायोजन न किया जाए। ‘वेंचर’ शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवाओं के प्रांतीयकरण की वैधानिक योजना के तहत राज्य सरकार उनके निश्चित वेतन के भुगतान की जिम्मेदारी अपने हाथ में लेती है। इसके साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों पर लागू मौजूदा नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी, पेंशन और अवकाश नकदीकरण जैसी सुविधाओं की जिम्मेदारी भी सरकार की होती है।





