NOTA को उम्मीदवारों से अधिक वोट मिलने पर फिर चुनाव कराने के मामले में चुनाव आयोग को नोटिस, सुप्रीम कोर्ट ने…

News Aroma
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Election Commission of India: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने किसी चुनाव में खड़े उम्मीदवारों के मुकाबले नोटा को अधिक वोट मिलने पर फिर से चुनाव कराने के संबंध में चुनाव आयोग (Election Commission) को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट इस संबंध में दायर उस याचिका पर विचार करने को सहमत हो गया है, जिसमें NOTA को अधिक वोट पड़ने पर चुनाव आयोग (EC) को नियम बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है।

इस संबंध में मोटिवेशनल वक्ता शिव खेड़ा की याचिका को स्वीकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश D.Y Chandrachud की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी कर मामले में चुनाव आयोग से जवाब मांगा।

शिव खेड़ा ने किसी निर्वाचन क्षेत्र में NOTA को बहुमत मिलने पर उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव शून्य घोषित करने और नए सिरे से चुनाव कराने जाने संबंधी नियम बनाने के लिए कोर्ट से चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की है।

इसमें विभिन्न राज्य चुनाव आयोगों द्वारा दिए आदेशों का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि नोटा को “काल्पनिक उम्मीदवार” के रूप में माना जाएगा और उसे सबसे अधिक वोट मिलने की स्थिति में नए चुनाव कराए जाएंगे।

याचिकाकर्ता ने कोर्ट से यह भी निर्देश देने की मांग की कि NOTA से कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों को पांच साल के लिए सभी चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए।

याचिका के अनुसार, चुनाव आयोग ने पिछले साल जुलाई में एक पत्र जारी किया था, इसमें कहा गया था कि किसी चुनाव में उम्मीदवारों के मुकाबले नोटा को अधिक वोट मिलने की स्थिति में जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक वोट प्राप्त होगा, उसे विजेता घोषित कर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि 2013 में, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को सभी EVM में “उपरोक्त में से कोई नहीं” (NOTA) का विकल्प प्रदान करने का निर्देश देते हुए कहा था कि नकारात्मक मतदान का प्रावधान लोकतंत्र मजबूत करेगा।

Share This Article