

चेन्नई : रिश्वत देने की तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन मैरी विल्सन की हालिया स्वीकारोक्ति को लेकर उनका बचाव करते हुए स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने बुधवार को उन्हें ‘पोल खोलने वाला’ तथा पिछली सरकार के समय ‘व्यवस्थागत जबरन वसूली’ का शिकार बताया। विल्सन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई किये जाने तथा उन्हें मंत्रिमंडल से हटाये जाने की प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की मांग पर अरुणराज ने कहा कि वित्त मंत्री जानबूझकर भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हुए।





उन्होंने यहां अपोलो मल्टी सुपरस्पेशलियटी अस्पताल की शुरुआत के मौके पर कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ असल में, वह भुक्तभोगी हैं। वह जबरन रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचार के शिकार हैं। उन्हें रिश्वत देनी पड़ी।’’ स्वास्थ्य मंत्री ने भाजपा के इस तर्क का खंडन किया कि रिश्वत देना भी उतना ही बड़ा अपराध है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के समय अधिकारियों ने निजी शिक्षण संस्थानों के लिए इस तरह का भुगतान अनिवार्य कर दिया था।
अरुणराज ने कहा,‘‘चूंकि वे इस बात के लिए मजबूर कर देते थे और पिछली सरकार के समय सभी निजी विद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया था… उस लिहाज़ से देखा जाए तो वह (वित्त मंत्री) असल में पीड़ित हैं, वह एक पोल खोलने वाले के तौर पर सामने आए हैं।’’ उन्होंने कहा कि कानून ‘पोल खोलने वाले को’ सुरक्षा देता है, इसलिए इस मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए।
विल्सन ने सोमवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि पिछली द्रमुक सरकार के दौरान उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया गया था।
इस आरोप के बाद, स्कूल शिक्षा के पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी ने मंत्री के रिश्वत देने की ‘स्वीकारोक्ति’ की जांच ‘सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय से जांच कराने की मांग की।
