तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने कुत्तों से की प्रदर्शनकारियों की तुलना, महिलाओं की दी पीटने की धमकी

नलगोंडा: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अपने बयान की वजह से विवाद में फंस गए हैं। उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों को ‘कुत्ता’ कह डाला।

इसके बाद से केसीआर से बड़े स्तर पर माफी की मांग की जा रही है।

सीएम राव नलगोंडा जिले के नागार्जुन सागर इलाके में एक सरकारी योजना की आधारशिला रखने पहुंचे थे।

कार्यक्रम में केसीआर के सामने महिलाओं समेत कुछ लोगों का एक समूह आ गया और प्रदर्शन करने लगा।

इसके बाद सीएम ने कहा, ‘अब जब आपने मेमो दे दिया है, तो यहां से वापस चले जाएं। अगर आप यहां रुकना चाहते हैं, तो कृपया शांत रहें।’ साथ ही उन्होंने भीड़ को पीटे जाने की भी चेतावनी दे दी।

उन्होंने कहा, कोई भी आपकी बेवकूफी भरे कामों से परेशान नहीं होगा।

आपको बेवजह पीटा जाएगा। हमने आपके जैसे कई लोग, अम्मा देखे हैं। सीएम ने कहा, आपके जैसे कई कुत्ते हैं। यहां से चले जाइए।

केसीआर के इस बयान के बाद से ही राज्य में उनके खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी की इंचार्ज मणिकम टैगोर ने माफी की मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने नागार्जुन सागर पब्लिक मीटिंग में महिलाओं को कुत्ता कहा है। यह न भूलें की यह लोकतंत्र है और यहां खड़ी महिलाएं आपके इस पद पर पहुंचने का कारण हैं।

वे हमारी बॉस हैं। माफी मांगें, चंद्रशेखर। वहीं, भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता कृष्ण सागर राव ने इसे हिंदुओं और बीजेपी का अपमान बताया है।

उन्होंने कहा, ‘केसीआर ने रैली में राक्षस (रकसुलु) से तुलना कर यादवों (गोकसुलु) का अपमान किया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने राक्षस को हराया है और गोकसुलु का सामना करना कोई बड़ी बात नहीं है।

कृष्ण सागर राव ने कहा, उन्होंने यह बयान बीजेपी पर हमला करने के दौरान दिए हैं।

जिससे यह पता चलता है कि यह बयान सीधे तौर पर हिंदुओं और खासतौर से यादवों को लेकर था। उन्होंने भी सीएम से माफी की मांग की है।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि भले ही उन्होंने भावनाओं में बह कर ऐसा कह दिया हो, लेकिन यह गलत है। उन्होंने कहा, ‘केसीआर को जनता के बीच बोलना सीखना चाहिए।

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