टीवीके सरकार ने एफसीआरए विधेयक के खिलाफ तमिलनाडु विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया

Archana Ekka
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चेन्नई : तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर केंद्र सरकार से ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को वापस लेने की मांग की। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने सदन में प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया कि एफसीआरए संशोधन विधेयक के प्रावधान परमार्थ संगठनों की स्वायत्तता और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की ओर से चलाए जा रहे शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण संस्थानों के कामकाज पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी संशोधन में नैसर्गिक न्याय, समानता के अधिकार, संपत्ति के अधिकारों की सुरक्षा, वैध अधिकारों और संघवाद का ध्यान रखा जाना चाहिए। सदन में पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार विदेशी अंशदान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ, कानूनी रूप से काम करने वाले परमार्थ, शैक्षिक, चिकित्सा, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण संगठनों के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने विधायकों को इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया।
देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) की प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।