नयी दिल्ली : उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। राधाकृष्णन ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज की पुण्यतिथि पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करके श्रद्धांजलि दी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राधाकृष्णन ने कहा कि सत्य और अहिंसा में गांधी का अटूट विश्वास, न्याय के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा में गहरी आस्था आज भी मानवता को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन और उनका संदेश शांति, करुणा, निस्वार्थता और सेवा की सतत प्रेरणा बने हुए हैं। राधाकृष्णन ने सभी लोगों से महात्मा गांधी के प्रिय मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने और एक न्यायपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं समावेशी समाज के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें विजय घाट पर पुष्पांजलि अर्पित की। शास्त्री को शांत और दृढ़ व्यक्तित्व और असाधारण संकल्प वाला नेता बताते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने विनम्रता, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की यात्रा के एक निर्णायक दौर में शास्त्री के नेतृत्व ने लोगों में विश्वास और एकता पैदा की तथा उनके ‘‘जय जवान, जय किसान’’ के आह्वान ने देश के सैनिकों के बलिदान और किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को स्थायी पहचान दिलाई।
उपराष्ट्रपति ने के. कामराज की पुण्यतिथि पर उन्हें उपराष्ट्रपति भवन में श्रद्धांजलि दी और सार्वजनिक जीवन तथा राष्ट्र निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान को याद किया। कामराज को महान राजनेता और सच्चा जननेता बताते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा और आम लोगों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि कामराज ने अपना पूरा जीवन गांधीवादी विचारों के मार्गदर्शन में बिताया और सड़कों एवं शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार करने, मध्याह्न भोजन योजना शुरू करने तथा गरीबों के जीवन में नई उम्मीद लाने के माध्यम से तमिलनाडु के विकास में स्थायी योगदान दिया।


