
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में मतदान केंद्रों का दौरा करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में ‘धांधली’ करने की कोशिश कर रही है और केंद्रीय बल व चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।
दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ममता बनर्जी हार के डर से भ्रम फैला रही हैं। ममता बनर्जी बुधवार सुबह से ही भवानीपुर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय दिखीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चुनाव में लोकतांत्रिक मानकों के साथ खिलवाड़ किया गया है। पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा इस चुनाव को प्रभावित करना चाहती है। बंगाल में हमेशा शांतिपूर्ण मतदान होता रहा है, लेकिन क्या अब यहाँ गुंडा राज चलेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल (CAPF) तृणमूल कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पर्यवेक्षक राज्य के बाहर से आए हैं और वे सीधे तौर पर भाजपा के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर न निकलने देने और पार्टी के झंडे हटाए जाने की भी शिकायत की। ममता ने निर्वाचन आयोग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर से चुनाव लड़ रहे विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी हार को भांप चुकी हैं, इसलिए जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही हैं। अधिकारी ने खिदिरपुर में मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दावा किया कि चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “ममता बनर्जी चाहे सुबह से बाहर निकलें या कुछ भी करें, इस बार उनकी हार तय है।”पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में आज 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। कोलकाता, हावड़ा, नदिया और हुगली जैसे जिलों में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इस चरण को तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा ने यहाँ पूरी ताकत झोंक दी है।
अभिषेक बनर्जी ने भी मतदान के बाद दावा किया कि उनकी पार्टी 2021 की तुलना में अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी करेगी। गौरतलब है कि पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसने राज्य के चुनावी इतिहास में नया कीर्तिमान बनाया है। आज हो रहे मतदान के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए बुधवार को 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह नौ बजे तक राज्य में औसतन 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। हालांकि, मतदान की शुरुआत के साथ ही राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दक्षिण बंगाल से हिंसा, तोड़फोड़ और एजेंटों को डराने-धमकाने की खबरें सामने आ रही हैं। नादिया जिले के चपरा में एक भाजपा एजेंट पर जानलेवा हमला किया गया है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
दूसरे चरण के मतदान के लिए सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों में भारी उत्साह नजर आ रहा है। कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तरी व दक्षिणी 24 परगना सहित सात जिलों की इन 142 सीटों पर करीब 3.21 करोड़ मतदाता 1,448 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर रिकॉर्ड 93.2 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसे देखते हुए इस चरण में भी उच्च मतदान की उम्मीद जताई जा रही है।
चपरा में भाजपा एजेंट पर हमला, भांगड़ में झड़प
मतदान के शुरुआती घंटों में ही नादिया जिले के चपरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 53 पर हिंसा की बड़ी घटना हुई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं ने उनके पोलिंग एजेंट मोशारफ मीर की पिटाई की और उन्हें लहूलुहान कर दिया। घायल एजेंट को अस्पताल ले जाया गया है। वहीं, दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में आईएसएफ और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें हैं। भांगड़ में कई एजेंटों को बूथ में बैठने से रोकने के भी आरोप लगे हैं। शांतिपुर में भाजपा के एक कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की गई है।
सुरक्षा के भारी इंतजाम और कड़े नियम
हिंसा की आशंका को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने इस चरण में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। लगभग 2,400 कंपनियों के केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) को तैनात किया गया है। कोलकाता में सबसे अधिक 273 कंपनियां तैनात की गई हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (भवानीपुर) सहित कई दिग्गजों की साख दांव पर है। प्रत्येक बूथ पर कम से कम चार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और वेबकास्टिंग के जरिए सीधी निगरानी रखी जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या बूथ जाम करने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मतदान और नतीजों का कार्यक्रम
आज शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इस चरण के साथ ही बंगाल की सभी 294 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। सभी चरणों के मतों की गणना 4 मई को होगी, जिसके बाद ही स्पष्ट होगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस के चर्चित अधिकारी अजय पाल शर्मा को भी फाल्टा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है।
चुनाव आयोग सख्त, सुरक्षा बलों की तैनाती
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भाई कार्तिक बनर्जी को भी पुलिस ने चेतावनी दी है, क्योंकि वे और उनके समर्थक एक मतदान केंद्र के पास बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए डायमंड हार्बर और फाल्टा जैसे संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा को भी फाल्टा में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते देखा गया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के तहत आज (बुधवार) सुबह 7 बजे से 142 सीटों पर मतदान शुरू हो गया। यह चरण न केवल सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए अपने सबसे मजबूत गढ़ को बचाने की परीक्षा है, बल्कि भाजपा के लिए भी सत्ता की दहलीज तक पहुंचने का सबसे बड़ा और निर्णायक अवसर है। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान के मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
भवानीपुर पर टिकीं सबकी निगाहें
इस चरण के चुनावी मुकाबले का सबसे मुख्य केंद्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ भवानीपुर है। यहां उनका सीधा मुकाबला विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी से हो रहा है। इस सीट के परिणाम राज्य की भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। 142 सीटों के इस गणित में पिछले चुनाव में टीएमसी ने 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा के खाते में केवल 18 सीटें आई थीं। भाजपा के लिए दक्षिण बंगाल में पैठ बनाना ही सत्ता तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध, ड्रोन से निगरानी
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने सात जिलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं। इनमें से सबसे अधिक 273 कंपनियां कोलकाता में तैनात हैं। मतदान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 41,001 केंद्रों पर वेबकास्टिंग के माध्यम से नजर रखी जा रही है, जबकि संवेदनशील इलाकों में ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। आयोग ने 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए हैं।
रिकॉर्ड मतदान की उम्मीद
इस चरण में कुल 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। गौरतलब है कि पहले चरण में 23 अप्रैल को राज्य में अब तक का सबसे अधिक 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। भारी मतदान को लेकर भाजपा इसे सत्ता-विरोधी लहर बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे अपनी जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जनता का भारी समर्थन करार दे रही है।

