चाय बागान श्रमिकों को दिवाली से पहले मिलेंगे पांच-पांच हजार रुपये: शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिवाली से पहले चाय बागान के 19,524 श्रमिकों को पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता और चावल बढ़ाने की घोषणा की।

Razi Ahmad
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सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिवाली और काली पूजा से पहले राज्य के 19,524 चाय बागान श्रमिकों को एकमुश्त पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मंगलवार को घोषणा की और कहा कि सरकार उन्हें हर महीने मिलने वाले चावल की मात्रा 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने पर विचार कर रही है।

शुभेंदु ने सिलीगुड़ी के उत्तरकन्या में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस सहायता राशि को सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा और इस पर 9.76 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने शुरुआत में इससे अधिक राशि देने के बारे में सोचा था, लेकिन राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए हमने 19,524 चाय बागान श्रमिकों को पांच-पांच हजार रुपये देने का फैसला किया है। दिवाली से पहले यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।’’

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, ‘‘हम हर महीने मिलने वाले चावल की मात्रा 35 किलोग्राम से बढ़ाकर 50 किलोग्राम करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। उम्मीद है कि जनवरी से श्रमिकों को अधिक चावल मिलने लगेगा। इसका लाभ चालू और बंद, दोनों तरह के चाय बागानों के श्रमिकों को मिलेगा।’’

शुभेंदु ने उत्तर बंगाल में बंद पड़े चाय बागानों को फिर से खोलने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बंद हुए 21 चाय बागान को दोबारा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में अब भी कई चाय बागान बंद हैं। हम उन्हें फिर से खोलने के लिए काम कर रहे हैं ताकि श्रमिकों को रोजगार मिल सके। अपने रोजगार कार्ड तैयार रखिए, जल्द ही काम शुरू होगा।’’

मुख्यमंत्री ने बैठक में कोलकाता से ऑनलाइन शामिल हुए श्रम मंत्री अर्जुन सिंह से कहा, ‘‘आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि चाय बागान फिर से खुलें। मुख्यमंत्री अकेले सब कुछ नहीं कर सकता। मुझे पता है कि सैमसिंग (चाय बागान) और कुछ अन्य चाय बागान पहले ही खुल चुके हैं। प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना के तहत भी बहुत जल्द काम शुरू होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी चाय बागान श्रमिकों को ‘प्रधानमंत्री चाय श्रमिक योजना’ के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पात्र श्रमिकों से ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना के तहत रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने ’रोजगार कार्ड’ तैयार रखने को कहा। इस योजना के तहत प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी पर 125 दिन के रोजगार का प्रावधान है।

शुभेंदु ने चाय उद्योग की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा करने और इस क्षेत्र को फिर से मजबूत बनाने के लिए निवेश आकर्षित करने तथा चाय की ब्रांडिंग, पर्यटन एवं विपणन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले साल चाय बागान श्रमिकों को केवल 16 प्रतिशत बोनस मिला था, जबकि इस साल चालू चाय बागानों में से कम से कम 95 प्रतिशत ने श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस दिया है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अन्नपूर्णा योजना के तहत अब तक पंजीकृत नहीं हुए पात्र लोगों की सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना के लाभार्थियों को हर महीने तीन-तीन हजार रुपये मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,500-1,500 रुपये पेंशन दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि कलिम्पोंग में संभवत: नौ दिसंबर को एक मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जाएगी।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।