रांची डोरंडा के मुकेश की हत्या करने के लिए 2.5 लाख में दी गई थी सुपारी

रांची: राजधानी की डोरंडा थाना पुलिस ने फॉरेस्ट कॉलोनी डोरंडा में मुकेश कुमार यादव हत्याकांड का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड सहित सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में दो आरोपित अब भी फरार हैं। मुकेश की हत्या पैसे के लेन-देन को लेकर की गई थी।

गिरफ्तार आरोपितों में मास्टरमाइंड डोरंडा चुका टोली निवासी पुरन एक्का, नामकुम निवासी अनूप लकड़ा, अरगोड़ा निवासी अरुण कुमार रजक, जगरनाथपुर निवासी धर्मेन्द्र कुमार, सुखदेव नगर निवासी रंजन कुमार सिंह, अरगोड़ा निवासी मनीष उरांव और सुखदेव नगर निवासी संतोष कुमार गुप्ता शामिल हैं।

इस घटना में शामिल दो आरोपित रघु गोप और आकाश महतो अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर एक लोडेड देशी कट्टा, दो गोली, दो अपाची बाइक, एक स्कूटी, तीन हेलमेट,  89 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 26 फरवरी की रात फॉरेस्ट कॉलोनी डोरंडा में अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने मुकेश कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी हटिया विनीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

 एसएसपी ने बताया कि जमीन की खरीद बिक्री और पैसे की लेन-देन को लेकर डोरंडा इलाके की फॉरेस्ट कॉलोनी में मुकेश यादव की हत्या की गयी थी।

पुलिस के मुताबिक पुरन एक्का और मृतक मुकेश कुमार यादव मिलकर जमीन की खरीद-बिक्री का काम करते थे।

इस दौरान पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हुआ और पुरन एक्का ने मुकेश की हत्या की साजिश रच डाली।

इससे पहले भी पुरन एक्का और मुकेश में विवाद हुआ है और उसने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी।

पूरन एक्का ने मुकेश की हत्या के लिए अपने परिचित अनूप लकड़ा को ढाई लाख रुपये की सुपारी दी थी।

एसएसपी ने बताया कि पुरन ने सुपारी की रकम को स्वयं अपने साथी अरुण कुमार रजक के माध्यम से अनूप लकड़ा को भुगतान किया। पुरन एक्का ने योजना की गोपनीयता को बनाए रखने के लिए फर्जी नाम पता पर छह सिम कार्ड लिया।

 अनुप ने अपने सहयोगी रघु गोप को घटना की जानकारी देते हुए मुकेश की हत्या की बातचीत की।

इसके बाद रघु गोप ने धर्मेंद्र कुमार से संपर्क कर डेढ़ लाख रुपये की सुपारी दी और शेष एक लाख अनूप लकड़ा अपने पास रख लिया।

इसके बाद धर्मेंद्र कुमार ने संतोष कुमार गुप्ता को मुकेश कुमार यादव की हत्या के लिए एक लाख 30 हजार की सुपारी दी।

संतोष कुमार गुप्ता ने अपने सहयोगी रंजन कुमार सिंह मनीष उरांव, आकाश महतो को बाइक और पिस्टल उपलब्ध कराते हुए मुकेश कुमार यादव की हत्या के लिए लगाया।

मुकेश की पहचान और अन्य जानकारी पुरन ने बटन तालाब डोरंडा में बदमाशों को कराया था।

इसके बाद आरोपितों ने मुकेश कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी।

एसएसपी ने बताया कि छापेमारी टीम में डोरंडा थाना प्रभारी रमेश कुमार, चंद्रशेखर यादव, शशि शेखर पांडे, आनंद प्रकाश सिंह, विष्णुकांत, सनी कुमार, पिंटू कुमार, शाह फैसल, जितेंद्र कुमार सिंह, बबलू कुमार और क्यूआरटी टीम शामिल थी।

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