दुमका में जान से मारने की कोशिश करने के मामले में एक को 10 और दो को तीन-तीन साल की सजा

News Aroma Media
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दुमका: हत्या के प्रयास के दस साल पुराने मामले में कोर्ट ने एक दोषी को 10 साल और दो अन्य महिलाओं को तीन -तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है।

सजा डीजे टू राकेश कुमार मिश्रा की अदालत ने गुरुवार को सत्र वाद संख्या 162/2012 में भादवि की धारा 307, 341 और 323 के तहत सुनाई।

कमल दास को 10 साल का सश्रम कारावास की सजा दी गई। साथ 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने के स्थिति में उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

दोष सिद्ध दो महिलाओं मिनोती दासी और काजोली दासी को तीन-तीन साल की कारावास के साथ तीन- तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि नहीं देने पर दोनों को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामले में प्रभारी लोक अभियोजक चम्पा कुमारी ने अदालत में पैरवी की। अभियोजन की ओर से न्यायालय में नौ गवाह पेश किए गए।

प्रभारी लोक अभियोजक ने बताया कि जिले के गोपीकांदर थाना क्षेत्र के खरौनी गांव निवासी कंचन दास के फर्द बयान के आधार पर पुलिस 28 जून, 2012 को भादवि की धारा 341, 307, 323, 324, 504 और 34 के तहत कांड संख्या 10/2012 दर्ज किया गया था।

जिसमें तीनों दोष सिद्ध अभियुक्तों सहित सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

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