सरायकेला मुठभेड़ में मारे गये दोनों उग्रवादियों की हुई पहचान

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सरायकेला: कुचाई थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादी नक्सलियों (Maoist Naxalites) के बीच शुक्रवार अहले सुबह हुई मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों की पहचान कर ली गयी है।

पुलिस मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों की पहचान खूंटी के काली मुंडा और बोकारो की रीला कुमारी के रूप में की गयी है।

मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने एक एसएलआर और 170 जिंदा कारतूस सहित कई सामान बरामद किये हैं। ट्राई जंक्शन (Tri junction) क्षेत्र में पड़ने वाले जोंगरो में यह मुठभेड़ हुई, जो चाईबासा, सरायकेला और खूंटी जिले का सीमावर्ती इलाका है।

फिलहाल नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी

जिला पुलिस, CRPF की 60वीं बटालियन और कोबरा के ज्वाइंट ऑपरेशन में यह सफलता हाथ लगी है, जहां मुठभेड़ हुई है, वह एक करोड़ के इनामी माओवादी अनल का इलाका है।

बताया जाता है कि वहां अमित मुंडा, सालुका कायम और अनल का दस्ता भी मौजूद था, जिनके साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ हुई है। शुक्रवार की सुबह पांच बजे से करीब तीन घंटे मुठभेड़ चली।

सूचना मिली थी कि एक करोड़ के ईनामी अनल का दस्ता इलाके में मौजूद है। इसके बाद घेराबंदी कर ऑपरेशन (Opreation) चलाया गया। इलाके में पुलिस लगातार सर्च अभियान चला रही थी।

बताया जाता है कि मुठभेड़ के बाद अनल का यह नक्सली दस्ता घने जंगल में छिप गया है। इस दस्ते में अनल दा के अलावा कई इनामी नक्सली भी मौजूद है। फिलहाल नक्सलियों के खिलाफ अभियान जारी है।

माओवादी गतिविधियों की जानकारी भी मिली थी

उल्लेखनीय है कि हाल ही में झारखंड पुलिस ने एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के खिलाफ सघन अभियान शुरू किया है।

सरायकेला, चाईबासा और खुंटी ट्राईजंक्शन में भाकपा माओवादी पतिराम समेत कई इनामी माओवादियों (Maoists) के होने की सूचना पुलिस को मिली है।

पुलिस को इस इलाके में माओवादी गतिविधियों की जानकारी भी मिली थी। पतिराम मांझी कई बड़े कांडों का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसके बाद जिला पुलिस, झारखंड जगुआर व कोबरा बटालियन ने अभियान (Campaign) शुरू किया गया था।

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