झारखंड हाई कोर्ट से JPSC की प्रथम परीक्षा को लेकर दायर अपील खारिज

JPSC की ओर से यह भी बताया गया कि JPSC की पहली सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2006 में हुई थी लेकिन याचिकाकर्ता ने साल 2010 में याचिका दायर की थी

News Aroma Media
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रांची: Jharkhand High Court के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुरुवार को JPSC की पहली सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा मामले (Civil Services Competitive Exam Cases) में सुजाता कुमारी की ओर से दाखिल अपील को खारिज कर दिया।

याचिकाकर्ता ने High Court की एकल पीठ के आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी थी।

याचिकाकर्ता की ओर से दायर याचिका में कहा गया था उसकी उत्तर पुस्तिका के कुछ प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किया गया है, जिसका अंक उसे मिलना चाहिए था।

जांच कर 2 रिपोर्ट दी थी

JPSC की ओर से बताया गया कि High Court के आदेश पर CBI ने टीम गठित की थी। उसने जांच कर 2 रिपोर्ट दी थी।

CBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों उत्तरपुस्तिका पर अभ्यर्थी (सुजाता कुमारी) की हैडराइटिंग (Handwriting) है लेकिन अतिरिक्त उत्तरपुस्तिका बाद में लगायी गयी है।

JPSC की ओर से यह भी बताया गया कि JPSC की पहली सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2006 में हुई थी लेकिन याचिकाकर्ता ने साल 2010 में याचिका दायर की थी।

JPSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल, राकेश रंजन एवं प्रिंस कुमार ने पैरवी की।

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