सीएम हेमंत सोरेन के काफिला पर हमला मामले में वार्ड पार्षद भाजपा नेत्री ने कोर्ट में किया सरेंडर

News Aroma Media
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रांची: झारखंड के सीएम CM हेमंत सोरेन के काफिला पर हमला मामले में आरोपित वार्ड पार्षद व भाजपा नेत्री रौशनी खलखो ने मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

वह काफी दिनों से फरार चल रही थीं। पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी।

रोशनी ने न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक प्रसाद की अदालत में सरेंडर किया। इसके बाद उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के बढ़ते दबाव के वजह से रौशनी ने सरेंडर किया। बता दें की कुछ दिन पहले पुलिस ने रोशनी खलखो के पति को कस्‍टडी में लिया था और उससे पूछताछ की थी।

इधर पुलिस उसके रिश्तेदारों के यहां भी दबिश बढ़ा रही थी। इसके बाद लगातार उस पर सरेंडर करने का दबाव बढ़ता गया और आज उन्होंने सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया।

काफिले पर हमले का मुख्य आरोपी भैरव सिंह आरोपी शशांक राज ने कोर्ट में खुद को सरेंडर किया था।

क्या था मामला?

उल्लेखनीय है कि बीते तीन जनवरी को ओरमांझी में युवती के साथ दुष्कर्म के बाद सिर कटी लाश बरामद हुई थी। राजधानी रांची में किशोरगंज चौक पर सीएम CM के काफिले को क्लीयरेंस देने को लेकर जमकर बवाल हुआ था।

इस घटना से आक्रोशित लोगों ने चार जनवरी की रात मुख्यमंत्री का काफिला रोकने की कोशिश की थी। जानकारी के मुताबिक अल्बर्ट एक्का चौक की तरफ भारी संख्या में लोग जा रहे थे।

इसमें महिलाएं भी थी। इसी बीच सीएम के काफिले को क्लीयरेंस देने के लिए पुलिस की जिप्सी किशोरगंज चौक पहुंची और वहां भीड़ देखते ही पुलिस सख्ती के साथ रोड से गुजर रही भीड़ को हटाने लगी। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया।

किशोर गंज चौक पर तैनात ट्रैफिक और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ लोगों की झड़प हो गई।

इसी बीच सीएम का काफिला भी पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक आक्रोशित भीड़ की तरफ से काफिले पर पत्थर फेंका गया।

मामले में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 72 लोगों पर सुखदेव नगर थाने नामदर्ज और अज्ञात 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

इस मामले में अभी तक लगभग 40 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इसमें से आठ लोगों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

इस मामले की जांच के लिए सीनियर आईएएस और आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया था।

सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक को लेकर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

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