व्हाइट हाउस में ट्रंप-जेलेंस्की की हाई-प्रोफाइल मीटिंग, यूरोपीय लीडर्स भी होंगे शामिल

News Aroma
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Trump-Zelensky’s high-profile meeting: व्हाइट हाउस में आज एक बार फिर हाई-वोल्टेज डिप्लोमैटिक ड्रामा देखने को मिलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की अहम मुलाकात आज दोपहर 1 बजे (अमेरिकी समय) से शुरू होगी। इस बार जेलेंस्की अकेले नहीं होंगे।

उनके साथ ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद होंगे।

जेलेंस्की का बयान: शांति की उम्मीद

अमेरिका पहुंचे जेलेंस्की ने कहा, “हमारी साझा ताकत रूस को वास्तविक शांति की ओर ले जाएगी।” पिछले कड़वे अनुभवों के बावजद जेलेंस्की ने ट्रंप को इस मीटिंग के लिए थैंक्स कहा और जोड़ा, “हम सब इस युद्ध को जल्द और सुरक्षित ढंग से खत्म करना चाहते हैं।” यह मीटिंग अलास्का शिखर सम्मेलन के बाद हो रही है, जिसने शांति वार्ता की दिशा में नया मोड़ लाया है।

ट्रंप का क्रीमिया पर बड़ा बयान

मीटिंग से पहले ट्रंप ने एक चौंकाने वाला स्टेटमेंट दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को क्रीमिया पर दावा भूल जाना चाहिए। साथ ही, जेलेंस्की को सलाह दी कि वे यूक्रेन की नाटो मेंबरशिप की उम्मीद छोड़ दें, क्योंकि रूस इसे अपने लिए खतरा मानता है।

ट्रंप ने आगे कहा, “जेलेंस्की के पास युद्ध खत्म करने का मौका है। वह चाहें तो रूस के साथ जंग को तुरंत रोक सकते हैं, वरना लड़ाई जारी रख सकते हैं।”

स्टीव विटकॉफ का ‘गेम-चेंजिंग’ दावा

ट्रंप के खास दूत स्टीव विटकॉफ ने सीएनएन को बताया कि मास्को ने पहली बार एक बड़े प्रस्ताव पर सहमति जताई है। इसके तहत अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगी यूक्रेन को नाटो-स्टाइल सिक्योरिटी गारंटी दे सकते हैं। विटकॉफ ने इसे “गेम-चेंजिंग” डेवलपमेंट बताया।

उन्होंने कहा कि अलास्का मीटिंग से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी गहन बातचीत में कई रियायतें मिलीं, जिसमें यूक्रेन को अनुच्छेद 5 जैसी सुरक्षा देने की बात शामिल है।

क्या होगा मीटिंग का नतीजा?

यह मीटिंग यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकती है। ट्रंप के बयानों और विटकॉफ के दावों ने इस मुलाकात को और अहम बना दिया है।

क्या यह मीटिंग शांति की नई राह खोलेगी, या फिर तनाव को और बढ़ाएगी? दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस पर टिकी हैं।

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