पेयजल घोटाले की रकम से बहन के नाम खरीदी जमीन, हिस्सेदारी छोड़ने की रखी शर्त

Archana Ekka
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Ranchi : पेयजल घोटाले से जुड़े मामले में जांच के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पता चला है कि पेयजल विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत संतोष कुमार ने घोटाले की रकम का इस्तेमाल कर अपनी बहन के नाम पर जमीन खरीदी थी। यह जमीन उसने एक खास शर्त के साथ दिलवाई थी।

बहन के नाम पर जमीन, बदले में पैतृक हक छोड़ने की शर्त

ईडी की जांच में सामने आया है कि संतोष कुमार ने अपनी बहन ममता सिन्हा के नाम पर 6.8 डिसमिल जमीन खरीदी। यह जमीन रातु अंचल के मौजा पिर्रा में स्थित है। जमीन का खाता नंबर 10 और प्लॉट नंबर 744 बताया गया है। इस जमीन की रजिस्ट्री 10 अगस्त 2020 को हुई थी।

43.22 लाख रुपये में हुई जमीन की खरीद

जांच एजेंसी के अनुसार, जमीन की खरीद के लिए कुल 43.22 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। यह पूरी रकम कथित तौर पर पेयजल घोटाले से जुड़े पैसों से दी गई। जमीन खरीदने से पहले संतोष कुमार ने अपनी बहन के सामने एक शर्त रखी थी।

जहानाबाद की पैतृक संपत्ति से अलग रहने की सहमति

संतोष कुमार ने अपनी बहन से कहा था कि अगर वह जहानाबाद स्थित पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं मांगेगी, तभी उसके नाम पर जमीन खरीदी जाएगी। बहन ममता सिन्हा ने इस शर्त को मान लिया। इसके बाद संतोष ने उसके नाम पर जमीन खरीदी, लेकिन खर्च का पूरा बोझ खुद नहीं उठाया।

रजिस्ट्री का खर्च भी बहन से वसूला

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन की रजिस्ट्री के लिए संतोष कुमार ने अपनी बहन से दो लाख रुपये की मांग की थी। ममता सिन्हा ने इसमें से 80 हजार रुपये का ड्राफ्ट बनाकर संतोष को दिया। बाकी रकम उसने अपने परिचित आकाश चंद्रा से कर्ज लेकर चुकाई।

कर्ज लेकर चुकाया रजिस्ट्री का पैसा

बताया गया है कि ममता सिन्हा ने आकाश चंद्रा से लिया गया कर्ज बाद में किस्तों में धीरे-धीरे वापस किया। जांच एजेंसी इस पूरे लेन-देन को पेयजल घोटाले से जोड़कर देख रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।

छात्रों की भाषा में कहें तो, यह मामला सिर्फ घोटाले की रकम का नहीं, बल्कि परिवार के अंदर रखी गई शर्तों और पैसों के गलत इस्तेमाल को भी दिखाता है। अब आगे की जांच में और क्या खुलासे होते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सनमार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।