नेपाल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने जताया दुख, बोले- संकट में भारत नेपाल के साथ

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने दुख जताया, भारत के समर्थन का भरोसा दिया और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग की अपील की।

News Aroma
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रांची: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने आपदा में प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है।

राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते मामलों के पीछे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी एक बड़ी चिंता है। उन्होंने दुनिया के सभी देशों से जलवायु संकट से निपटने के लिए मिलकर काम करने और दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने की अपील की।

नेपाल की आपदा का अ सर भारत पर भी

संतोष गंगवार ने कहा कि नेपाल में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव केवल वहां तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भारत से भी इसका सीधा संबंध है। नेपाल के रास्ते बड़ी संख्या में श्रद्धालु और यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में वहां बाढ़, भूस्खलन या अन्य प्राकृतिक आपदा होने पर भारतीय यात्रियों और अन्य लोगों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, आपदा से हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की वास्तविक संख्या का स्पष्ट आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

जलवायु परिवर्तन पर गंभीर चिंता

राज्यपाल ने पर्यावरण और जलवायु में हो रहे बदलावों को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पर्यावरण के साथ बढ़ती छेड़छाड़ के गंभीर परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।

गंगवार ने अपने कैलाश मानसरोवर यात्रा के अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल के रास्ते बड़ी संख्या में यात्रियों को जाते हुए देखा था।

दुनिया को मिलकर निकालना होगा समाधान

राज्यपाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन किसी एक देश की समस्या नहीं है। नेपाल, भारत और चीन समेत दुनिया के कई देश प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सभी देशों को इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए सामूहिक प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि जलवायु संकट से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने के साथ-साथ लंबी अवधि की वैश्विक रणनीति तैयार करना जरूरी है। उन्होंने आपदा प्रभावित नेपाल के लोगों के प्रति एक बार फिर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन घड़ी में भारत अपने पड़ोसी देश के साथ खड़ा है।

 

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