सैटेलाइट तस्वीरों से झारखंड में अवैध अफीम खेती का खुलासा, चतरा में सबसे ज्यादा मामले

सैटेलाइट तस्वीरों से झारखंड में अवैध अफीम खेती का खुलासा, चतरा में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। एनसीबी ने सीआईडी को कार्रवाई के निर्देश दिए, कई जिलों में सक्रिय नेटवर्क।

Neeral Prakash
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रांची : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने झारखंड में अफीम की अवैध खेती को लेकर बड़ा खुलासा किया है। झारखंड में अफीम के खिलाफ जोरदार अभियान चलाने के बावजूद तस्कर फिर से सक्रिय हो गए हैं। एनसीबी के मुताबिक झारखंड के कई जिलों में अफीम की खेती अब भी जारी है। एनसीबी ने पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य एजेंसियों को भेज दी है।

ताजा सैटेलाइट इमेज से साफ हुआ है कि कई जिलों में अफीम की फसल न सिर्फ बची हुई है, बल्कि अब तैयार भी हो रही है। एनसीबी ने सैटेलाइट इमेज के साथ झारखंड सीआईडी को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। एनसीबी के पत्र में बताया गया है कि नई दिल्ली स्थित सहायक निदेशक के माध्यम से ये सैटेलाइट इमेज जुटाए गए हैं। इन्हें जिप फाइल बनाकर ईमेल के जरिए झारखंड भेजा गया है। इनमें दिए गए अक्षांश और देशांतर के आधार पर संबंधित जगहों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा गया है।

बताया गया है कि इन तस्वीरों में उन स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां अवैध रूप से अफीम की खेती हो रही है। अब इन लोकेशन का ग्राउंड वेरिफिकेशन कर फसल को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार सबसे ज्यादा मामले चतरा जिले से सामने आए हैं, जहां 10 अलग-अलग जगहों पर खेती के संकेत मिले हैं। इसके अलावा खूंटी में 4 स्थान, हजारीबाग में 3 स्थान, लातेहार और वेस्ट सिंहभूम में 2-2 स्थान पर अफीम की खेती पाई गई है। वहीं रांची और पतरातू में भी 1-1 जगह पर इस तरह की गतिविधि के संकेत मिले हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य में अफीम का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और अब भी कई इलाकों में सक्रिय है।

सरकार और प्रशासन की ओर से अफीम उन्मूलन को लेकर लगातार अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद जमीन पर हालात अभी भी पूरी तरह काबू में नहीं हैं। तस्कर अलग-अलग तरीके अपनाकर खेती को बचाने में कामयाब हो रहे हैं। इसे काबू में लाने के लिए एनसीबी ने सख्त निर्देश दिया है कि चिन्हित जगहों का जल्द सत्यापन कर अवैध फसल को नष्ट किया जाए।

 

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नीरल प्रकाश के पास पत्रकारिता में 2 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने एंकरिंग, रिपोर्टिंग और स्क्रिप्ट राइटिंग में काम किया है। पिछले 2 सालों से वे IDTV इंद्रधनुष के साथ काम कर रही हैं, जहां उन्होंने ऑन-एयर प्रस्तुतिकरण के साथ-साथ बैकएंड कंटेंट क्रिएशन में भी योगदान दिया। समाचार रिपोर्टिंग के अलावा, उन्होंने आकर्षक स्क्रिप्ट तैयार करने और कहानी को पेश करने का अनुभव भी प्राप्त किया है।