
अभी कोठी का मालिकाना रांची के एक बड़े बिजनेस घराने के पास है
चार हजार स्कवायर फीट में बनी हुई है कोठी, चार कमरे और एक बड़ा हॉल है कोठी में
दयानंद राय
रांची : खूंटी के मुरहू में स्थित 75 साल पुरानी ऐतिहासिक हेरिटेज कोठी को नया जीवन मिलनेवाला है। रिनोवेशन के बाद इस कोठी की पुरानी चमक और खूबसूरती लौट आयेगी। इसे उसकी पुरानी चमक और खूबसूरती लौटाने का काम रांची के श्रीदेव सिंह की टीम कर रही है। मूरहू के दुर्री में स्थित इस कोलोनियल पीरियड की कोठी को संवारने में तीन महीने का वक्त लगेगा और इसमें करीब 13 लाख रुपये खर्च होंगे। कोठी की दीवारें 15 से 18 इंच मोटी हैं।

कोलकाता के बिजनेसमैन एमआर अरातून ने बनवायी थी कोठी
इस कोलोनियल पीरियड की कोठी की किस्मत बदलने में जुटे श्रीदेव सिंह ने बताया कि इस कोठी के पहले मालिक कोलकाता के बिजनेसमैन एमआर अरातून थे। उनका यहां लाह का बिजनेस था, इसलिए उन्होंने अपने रहने के लिए यह कोठी बनायी थी। बाद में यह कोठी और कई हाथों से गुजरते हुए रांची के एक नामी बिजनेसमैन के पास आ गयी। उन्होंने कोठी की हालत देखी तो इसका रेनोवेशन करने का विचार आया। उन्होंने इसके लिए मुझसे संपर्क किया और हमने इसे संवारने का मन बना लिया।

सुर्खी चूने से बनी है कोठी
श्रीदेव सिंह ने बताया कि कोठी कोलोनियल पीरियड यानि अंग्रेजों के जमाने की है। इसे कोलकाता से आये कारीगरों से बनाया था। इस कोठी में चार बड़े कमरे, एक बड़ा हॉल और किचन तथा लैट्रिन बाथरुम हैं। कोठी में पुराने जमाने के फर्नीचर भी हैं। चूंकि लंबे समय से कोठी की देखभाल नहीं हुई थी इसलिए इसकी छत में क्रैक आ गया है। उससे बारिश के दिनों में पानी टपकने लगता है इसलिए इसमें मुख्य काम छत को ही ठीक करना होगा। कोठी बनाने में कोलोनियल आर्किटेक्चर का यूज किया गया है। कोठी का रेनोवेशन श्रीदेव सिंह की फर्म प्रोजेक्शल हेरिटेज कर रही है।


