
Jharkhand Innovation : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा के तहत राज्य में शोध, तकनीक और इनोवेशन को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा और संसाधनों की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही दिशा और मंच देने की। उन्होंने युवाओं, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख वैज्ञानिक माहौल तैयार करने पर जोर दिया।
इनोवेशन और रिसर्च पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए और उच्च व तकनीकी संस्थानों में स्टार्टअप, शोध और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने विज्ञान और नवाचार को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि इससे राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और झारखंड ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।
मोबाइल साइंस बस और साइंस सिटी पर जोर
बैठक में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस को राज्य के सभी 24 जिलों में संचालित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन साइंस सिटी और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इन्हें आकर्षक और जनोपयोगी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों तक सीमित न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लिए प्रेरणादायक बने।
शिक्षा और कृषि में तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में भी तकनीक और मैकेनिकल इनोवेशन को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खेती को अधिक आधुनिक और उत्पादक बनाया जा सके।
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में झारखंड में विज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

