
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि उनकी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में बांग्लादेश से लगी सीमा पर बाड़बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि हस्तांतरण की मंजूरी दे दी।
बैठक में अब तक शपथ ग्रहण करने वाले पांच मंत्रियों ने भाग लिया। इसमें केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना और कई अन्य योजनाएं लागू करने का भी निर्णय लिया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और कमज़ोर परिवारों को इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘बंगाल के सीमावर्ती जिलों में लगातार बदलती जनसांख्यिकी की पृष्ठभूमि में हमारे मंत्रिमंडल ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी। मुख्य सचिव और राज्य के भूमि राजस्व विभाग के सचिव से प्रक्रिया 45 दिन के अंदर पूरी करने को कहा गया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस सरकार ने जनगणना संबंधी 16 जून 2025 के परिपत्र की अनदेखी की जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत भारत के महापंजीयक कार्यालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस सरकार ने संविधान और लोगों के साथ धोखा किया और जानबूझकर बंगाल में जनगणना का काम रोक दिया ताकि महिलाओं का आरक्षण रोका जा सके। मंत्रिमंडल ने राज्य में परिपत्र को तुरंत लागू करने की मंजूरी दे दी है।’’
पूर्ववर्ती सरकार पर संविधान का उल्लंघन करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को आधिकारिक रूप से लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल की पहली बैठक में राज्य में नए अपराध कानून को लागू करने के लिए आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने स्कूलों में नौकरी के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के एक प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया जैसा कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण की शुरुआत के लिए कदम उठाने के संबंध में मुख्य सचिव को अधिकृत किया।’’

