

Drug Smuggling : बिहार के सुपौल जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो 440 ग्राम स्मैक के साथ चार अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई ने बिहार में बढ़ते “सूखे नशे” के कारोबार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।





गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. को सूचना मिली थी कि दो चारपहिया वाहनों के जरिए भारी मात्रा में मादक पदार्थ रानीगंज से जदिया क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
दंडाधिकारी की मौजूदगी में संदिग्ध वाहनों की घेराबंदी कर तलाशी ली गई, जहां दोनों वाहनों से भारी मात्रा में स्मैक बरामद की गई।
चार तस्कर गिरफ्तार, कई सामान जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुंदन कुमार, सूचित कुमार, संजय यादव और प्रदीप कुमार उर्फ जीतन के रूप में हुई है। इनके पास से पुलिस ने
* दो चारपहिया वाहन
* 750 एमएल अंग्रेजी शराब
* 10 एटीएम कार्ड
* एक पैन कार्ड
* ₹2600 नकद
* तीन मोबाइल फोन
भी बरामद किए हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
शराबबंदी के बाद ‘सूखे नशे’ पर बढ़ी चिंता
इस बरामदगी के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है कि बिहार में शराबबंदी के बाद स्मैक, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में तस्कर युवाओं को इस नेटवर्क में शामिल कर रहे हैं, जिसे सामाजिक रूप से गंभीर चुनौती माना जा रहा है।
FIR दर्ज, जांच जारी
मामले में जदिया थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब पूरे तस्करी नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।
