
रांची: भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ’10-बेड आईसीयू परियोजना’ से जुड़ी ईगो फाउंडेशन (EGO Foundation) की प्रतिनिधि बिसोया लोइतोंगबाम सदर हॉस्पिटल पहुंची। इस दौरान उन्होंने रेडियोलॉजी विभाग और सेंट्रल रेडियोलॉजी हब का दौरा किया। उन्होंने झारखंड में टेलीरेडियोलॉजी आधारित स्वास्थ्य सेवा मॉडल की बारीकियों को समझा और इसकी सराहना की।
दूरस्थ क्षेत्रों तक विशेषज्ञ पहुंची सेवाएं
इस दौरान सेंट्रल रेडियोलॉजी हब के प्रभारी डॉ. अनिश चौधरी ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के जरिए हब की कार्यप्रणाली और टेलीरेडियोलॉजी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह राज्य के विभिन्न जिलों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों को एक प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सदर हॉस्पिटल रांची के उपाधीक्षक व सेंट्रल रेडियोलॉजी हब के समन्वयक डॉ. अखिलेश झा भी उपस्थित थे। उन्होंने राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डायग्नोस्टिक (निदान) सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा किया। रेडियोलॉजी हब की कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर बिसोया ने कहा कि यह पहल टेलीरेडियोलॉजी के माध्यम से झारखंड के दूरस्थ जिलों और मेडिकल कॉलेजों तक विशेषज्ञ रेडियोलॉजी सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक बेहद अभिनव और प्रभावी मॉडल है। यह व्यवस्था राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त व सुलभ बनाएगी। उन्होंने हब को भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। वे इस बेहतरीन पहल की जानकारी उच्च अधिकारियों और विभिन्न संस्थाओं तक पहुंचाएगी, ताकि संभावित साझेदारी और तकनीकी सहायता विकसित की जा सके। साथ ही उन्होंने संसाधनों और दान के माध्यम से इस परियोजना को और मजबूत करने का भरोसा दिया।

