रिकवरी एजेंटों के उत्पीड़न ने ले ली बिजनेसमैन की जान

धनबाद के झरिया में कथित बैंक रिकवरी एजेंटों के उत्पीड़न के बाद व्यवसायी की मौत का मामला गरमाया। परिजनों ने धमकी और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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धनबाद : झरिया थाना क्षेत्र के केला पट्टी अशोक रोड में बैंक के कथित रिकवरी एजेंटों के मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज से एक व्यवसायी की हालत गंभीर हो गई। पीड़ित व्यवसायी सचिन केसरी को ब्रेन हैमरेज होने के बाद रांची के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बैंक के रिकवरी एजेंटों द्वारा लगातार दबाव, धमकी और गाली-गलौज के कारण सचिन केसरी मानसिक तनाव में आ गए, जिसके चलते उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे दुकान में ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद उन्हें पहले झरिया के एक स्थानीय नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज की पुष्टि करते हुए उन्हें रांची रेफर कर दिया था। रांची में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों के अनुसार, शनिवार को बैंक के 4-5 रिकवरी एजेंट दुकान पर पहुंचे और लोन की किस्त तत्काल जमा करने का दबाव बनाने लगे। व्यवसायी ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी, लेकिन एजेंटों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और बदसलूकी की। इस दौरान उनकी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया गया है। घटना से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को दोबारा पहुंचे दो कथित रिकवरी एजेंटों को पकड़कर झरिया पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए युवकों की पहचान रूपेश कुमार और जय प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। मृतक के भाई विनोद केसरी ने झरिया थाना में बैंक और रिकवरी एजेंटों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।