
Paper Leak Case : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को फिलहाल कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मोनू कुमार, सोनू शर्मा और विषम कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
यह मामला उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह से जुड़ा है, जिसकी जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। हालांकि इस केस में गिरफ्तार किए गए 168 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन पेपर लीक नेटवर्क और सॉल्वर गिरोह से जुड़े मुख्य आरोपियों को अदालत ने राहत देने से इनकार कर दिया है।
गौरतलब है कि 11 अप्रैल को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 166 लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उनके उत्तर याद कराए जा रहे हैं।
सूचना के बाद विशेष छापेमारी दल ने देर रात वहां पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही कई लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने मौके से 166 लोगों को पकड़ लिया। बाद की जांच में कुछ अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह और सॉल्वर गैंग के सदस्य भी शामिल थे। जांच में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद समेत कई नाम सामने आए थे। आरोप है कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले संभावित प्रश्न और उत्तर उपलब्ध करा रहे थे।
इस मामले को लेकर तमाड़ थाना में कांड संख्या 21/2026 दर्ज है और पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

