
Independence Day 2026 : 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) लाल किले की विशेष सफाई और संरक्षण का काम करेगा। इसके लिए एएसआई करीब 12.55 लाख रुपये खर्च करेगा। यह कार्य उस हिस्से में किया जाएगा, जो हर साल प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान पृष्ठभूमि में दिखाई देता है।
एएसआई ने 27 जून को इस काम के लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर के तहत 5,096 लीटर मिनरल टरपेंटाइन ऑयल (MTO) और 340 किलोग्राम सिलेन-सिलोक्सेन की खरीद की जाएगी। इनका उपयोग लाल बलुआ पत्थर की सतह पर हाइड्रोफोबिक ट्रीटमेंट (पानी और नमी से सुरक्षा देने वाली परत) के लिए किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, मिनरल टरपेंटाइन ऑयल का उपयोग ऐतिहासिक स्मारकों की सफाई और संरक्षण में किया जाता है, जबकि सिलेन-सिलोक्सेन पत्थर, ईंट और कंक्रीट जैसी सतहों को नमी और पानी से बचाने में मदद करता है।
यह संरक्षण कार्य पूरे लाल किले में नहीं होगा। केवल चांदनी चौक की ओर स्थित उस दीवार पर किया जाएगा, जहां से प्रधानमंत्री हर वर्ष राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। इस कार्य की निगरानी एएसआई की दिल्ली साइंस ब्रांच के डिप्टी सुपरिंटेंडिंग आर्कियोलॉजिकल केमिस्ट करेंगे।
प्रदूषण से काली पड़ रही हैं लाल किले की दीवारें
हाल के वर्षों में हुए शोध में यह सामने आया है कि प्रदूषण के कारण लाल किले की लाल बलुआ पत्थर की दीवारों पर धीरे-धीरे काली परत जम रही है। वर्ष 2025 में भारत और इटली के संयुक्त अध्ययन में पाया गया था कि जहरीले प्रदूषकों के कारण ‘ब्लैक क्रस्ट’ बन रही है, जिससे स्मारक की मूल संरचना प्रभावित हो सकती है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि शुरुआती चरण में इस काली परत को बिना किसी नुकसान के हटाया जा सकता है। नियमित सफाई और सुरक्षात्मक परत लगाने से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
अन्य विरासत स्थलों पर भी लागू हो सकता है मॉडल
इस बीच संसद की परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्थायी समिति ने भी लाल किले के संरक्षण मॉडल की सराहना की है। समिति ने सुझाव दिया है कि इसी तरह की संरक्षण व्यवस्था देश के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक और विरासत स्थलों पर भी लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
एएसआई का यह संरक्षण अभियान स्वतंत्रता दिवस से पहले लाल किले को सुरक्षित, संरक्षित और आकर्षक बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

