
राजीव गांधी का फोटोग्राफी शौक उनके व्यक्तित्व का एक कम-चर्चित लेकिन बहुत दिलचस्प हिस्सा था। स्रोतों के अनुसार वे तस्वीरें खींचने के शौकीन थे, लेकिन इस शौक को उन्होंने काफी निजी रखा। राजीव गांधी अक्सर कैमरा अपने साथ रखते थे और अलग-अलग जगहों, लोगों और पलों को कैद करना पसंद करते थे। उनकी रुचि सिर्फ औपचारिक तस्वीरों तक सीमित नहीं थी, वे यात्रा, वातावरण और रोज़मर्रा के जीवन के दृश्य भी खींचते थे। बहुत कम लोगों को उनके इस शौक के बारे में पता था, क्योंकि वे अपनी तस्वीरों को सार्वजनिक रूप से दिखाना नहीं चाहते थे। यहां तक कि कुछ प्रकाशकों ने उनसे फोटोबुक प्रकाशित करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने अनुमति नहीं दी।
उनके निधन के बाद सोनिया गांधी ने उनकी खींची तस्वीरों का संग्रह प्रकाशित कराया, जिसे “Rajiv’s World – Photographs by Rajiv Gandhi” नाम से जाना जाता है। इसी किताब के जरिए लोगों को पहली बार पता चला कि वे केवल तस्वीरें लेने में रुचि नहीं रखते थे, बल्कि इसमें उनकी अच्छी समझ और संवेदनशील दृष्टि भी थी। उनकी फोटोग्राफी रुचि उनके शांत, जिज्ञासु और अवलोकनशील स्वभाव को दिखाती है। वे तकनीक, नए उपकरणों और आधुनिक सोच के प्रति भी आकर्षित थे, इसलिए कैमरा उनके व्यक्तित्व से स्वाभाविक रूप से जुड़ता था। उनकी तस्वीरें आज भी इसलिए खास मानी जाती हैं क्योंकि उनमें एक संवेदनशील इंसान का नजरिया दिखाई देता है। एक दिलचस्प उदाहरण यह भी है कि राजीव गांधी ने सोनिया गांधी की कुछ खूबसूरत तस्वीरें खुद खींची थीं, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहीं।

