वित्त मंत्री ने DGP को लिखा दूसरा पत्र! जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर उठाए सवाल, अपराध को लेकर भी जताई चिंता

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा व्यवस्था, बढ़ते अपराध, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा, अतिरिक्त वाहन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक बार फिर राज्य के डीजीपी तदाशा मिश्रा को 5 जुलाई को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा समय में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए तय मानकों की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराध का भी उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है। उन्होंने पत्र में लिखआ है कि झारखंड में पहले की तुलना में वर्ष 2026 में अपराध का स्वरूप काफी बदल चुका है। अब दूसरे देशों में बैठे अपराधी कारोबारियों व जनप्रतिनिधियों से रंगदारी मांग रहे हैं। यहां तक की उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। जमशेदपुर में हुई घटना का  जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी में पीसीआर वैन से खींचकर एक निर्दोष युवक की हत्या कर दी गई। यह घटना अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का बड़ा उदाहरण है।

राधाकृष्ण किशोर ने डीजीपी से मांग की है कि मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को उनके खतरे के स्तर के अनुसार सुरक्षा, वाहन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस पत्र की प्रति गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव को भी भेजी गई है। मंत्री ने कहा है कि उन्होंने 21 अप्रैल 2026 को सुरक्षा कर्मियों के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यदि उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता था, तो कम से कम स्पष्ट रूप से हां या ना में जवाब दिया जाना चाहिए था।

अफसर तय मानकों से ज्यादा कर रहे हैं सुविधाओं का इस्तेमाल

वित्त मंत्री ने अपने पत्र में यह सवाल भी उठाया कि क्या पुलिस विभाग यह सुनिश्चित कर सकता है कि झारखंड के अधिकारियों को दी गई सुरक्षा और अन्य सुविधाएं गृह विभाग द्वारा तय मानकों के अनुरूप ही हैं। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि कहीं व्यवहार में कुछ अधिकारी निर्धारित मानकों से अधिक सुविधाओं का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं।

Share This Article
विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।